Diwali: इस दिवाली बाजारों में हरित पटाखों की मांग तेजी से बढ़ रही है, पर्यावरण और स्वास्थ्य पर इनके अपेक्षाकृत कम दुष्प्रभाव को देखते हुए लोगों को सीमित मात्रा में और सुरक्षित तरीके से इनका इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
दिल्ली-NCR में सुप्रीम कोर्ट ने परंपराओं, पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाते हुए सख्त शर्तों के साथ हरित पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी को मंजूरी दी है। कोर्ट ने इनके इस्तेमाल के लिए 7 और 8 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। इन पटाखों को केवल तय समय के दौरान ही जलाने की अनुमति होगी।
इस फैसले से पटाखा कारोबारियों में उत्साह है। व्यापारियों का कहना है कि इस छूट से बाजार में रौनक बढ़ेगी और खासतौर पर बच्चों को दिवाली मनाने का अवसर मिलेगा, वहीं दिल्ली-NCR के अलावा पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में भी ग्रीन पटाखों को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। दिवाली और काली पूजा से पहले आयोजित होने वाले पारंपरिक आतिशबाजी मेले में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं।
मेले में विभिन्न किस्मों के प्रमाणित हरित पटाखे उपलब्ध हैं। उनकी रेंज और किफायती कीमतें ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। आयोजकों के मुताबिक, इस बार मेले में पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों को प्राथमिकता दी गई है। सभी दुकानदारों को केवल प्रमाणित हरित पटाखे बेचने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि हरित पटाखों को इस तरह तैयार किया जाता है कि इनके जलने से पारंपरिक पटाखों की तुलना में कम प्रदूषण फैलता है। इनकी निर्माण प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले रसायनों और घटकों को इस तरह नियंत्रित किया जाता है कि उत्सर्जित हानिकारक गैसों और कणों की मात्रा कम रखी जा सके।