London: लंदन में भारतीय संस्कृति और बंगाली परंपरा की झलक एक बार फिर देखने को मिली। हेरिटेज बंगाल ग्लोबल (एचजीबी) की ओर से टेम्स नदी पर पांचवीं वार्षिक दुर्गा परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान पारंपरिक ढाक की थाप, संगीत और नृत्य ने उत्सव का माहौल बना दिया। ब्रिटिश बंगाली समुदाय के सैकड़ों लोगों ने इस आयोजन में भाग लेकर मां दुर्गा के प्रति अपनी आस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव प्रदर्शित किया।
शनिवार को आयोजित इस परेड में मां दुर्गा की प्रतिमा से सजी एक नाव टेम्स नदी में निकाली गई। प्रतिमा का निर्माण कोलकाता स्थित टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने किया था। नाव लंदन के कई प्रसिद्ध स्थलों, जैसे बिग बेन, टॉवर ऑफ लंदन और लंदन आई के पास से गुजरी।
बिहार के पर्यटन मंत्री भी बने आयोजन का हिस्सा
इस विशेष आयोजन में बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता भी अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद ब्रिटिश भारतीय समुदाय के लोगों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही ब्रिटेन में रहने वाले भारतीयों और पर्यटकों को बिहार आने का निमंत्रण दिया।
गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों के दौरान बिहार में हुए विकास कार्यों को देखने के लिए लोगों को राज्य का दौरा करना चाहिए।
2022 में शुरू हुई थी टेम्स दुर्गा परेड
टेम्स नदी पर दुर्गा परेड की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी। हेरिटेज बंगाल ग्लोबल की इस पहल का उद्देश्य दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित होने वाले दुर्गा पूजा समारोहों को एक साझा मंच पर लाना और बंगाली संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
गौरतलब है कि वर्ष 2021 में यूनेस्को ने दुर्गा पूजा को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया था। इस मान्यता के बाद दुर्गा पूजा की वैश्विक पहचान और भी मजबूत हुई है।
दुर्गा पूजा को वैश्विक पर्यटन से जोड़ने की पहल
एचजीबी के निदेशक अनिर्बान मुखोपाध्याय ने कहा कि संस्था का लक्ष्य कोलकाता और दुर्गा पूजा को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाना है। उन्होंने कहा कि यूनेस्को से मिली अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की पहचान को वास्तविक अवसरों में बदलना जरूरी है, ताकि इस उत्सव की सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी संभावनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
मुखोपाध्याय ने लगातार पांचवें वर्ष इस आयोजन के सफल आयोजन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि लंदन के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध स्थल इस उत्सव को खास पहचान देते हैं।
संगीत और पारंपरिक नृत्य ने बांधा समां
नाव पर आयोजित इस उत्सव में ब्रिटिश बंगाली समुदाय के कलाकारों ने संगीत की प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में सोशल मीडिया पर लोकप्रिय पिता-पुत्री की जोड़ी कृष्णेंदु और उनकी बेटी गुनगुन ने भी प्रस्तुति दी। इसके अलावा पारंपरिक बंगाली नृत्य और ढाक की थाप ने पूरे आयोजन को उत्साह और उल्लास से भर दिया।
इस तरह टेम्स नदी पर आयोजित दुर्गा परेड ने न केवल लंदन में भारतीय संस्कृति की छटा बिखेरी, बल्कि विदेशों में रह रहे बंगाली समुदाय को अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी दिया।