QUAD: क्वाड देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भरोसेमंद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पहुंच बढ़ाने के लिए तकनीकी और वित्तीय सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके साथ ही अमेरिका ने भारत और आसियान देशों में महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) को प्रोत्साहित करने के लिए 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता देने का ऐलान किया है।
अटलांटा में आयोजित जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों ने आपसी सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ बैठक की।
बैठक में ‘क्वाड बिजनेस लीडर्स फोरम’ शुरू करने की घोषणा भी की गई। इस पहल का उद्देश्य सरकारी और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग को मजबूत करना तथा महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कारोबारी साझेदारियों और समझौतों को आगे बढ़ाना है।
आर्थिक साझेदारी को नई गति देने के लिए क्वाड देशों की निर्यात ऋण एजेंसियां 18 नवंबर को टोक्यो में बैठक करेंगी। इस बैठक में चारों देशों के बीच व्यावहारिक आर्थिक सहयोग बढ़ाने के संभावित रास्तों पर विचार किया जाएगा।
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में क्वाड मंत्रियों ने भविष्य की अर्थव्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ‘पैक्स सिलिका’ जैसी पहलों की अहम भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने ‘क्वाड AI एक्सेलेरेटर’ के माध्यम से हिंद-प्रशांत देशों को विश्वसनीय AI तकनीक उपलब्ध कराने के लिए 8.5 करोड़ डॉलर से अधिक की तकनीकी और वित्तीय सहायता देने की इच्छा जताई।
गौरतलब है कि इस वर्ष क्वाड विदेश मंत्रियों की यह तीसरी बैठक थी। इससे पहले मई में नई दिल्ली और जुलाई में मनीला में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हो चुकी है।
वहीं, नवंबर के मध्य में होने वाले आसियान और पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलनों के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मेजबानी में क्वाड नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित करने की तैयारियां भी चल रही हैं।