Nainital: कॉर्बेट नेशनल पार्क में पहली बार दिखा दुर्लभ पैसिफिक गोल्डन प्लोवर, पक्षी प्रेमियों में उत्साह

Nainital:  उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में एक दुर्लभ प्रवासी पक्षी पैसिफिक गोल्डन प्लोवर की मौजूदगी दर्ज की गई है। अलास्का और साइबेरिया जैसे ठंडे क्षेत्रों में पाया जाने वाला यह पक्षी हाल ही में रिजर्व में नजर आया। वन्यजीव प्रेमियों के मुताबिक, कॉर्बेट और उत्तराखंड के इस हिस्से में इसे पहली बार देखा गया है।

कॉर्बेट में वन्यजीव प्रेमी और नेचर गाइड नफीस अहमद ने एक छोटी नदी के किनारे इस पक्षी को देखा। पहली नजर में पक्षी की पहचान नहीं हो सकी, इसलिए उन्होंने उसकी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए। बाद में विशेषज्ञों से जानकारी साझा करने और शोध के बाद इसकी पहचान पैसिफिक गोल्डन प्लोवर के रूप में हुई।

नफीस अहमद के अनुसार, यह पक्षी मुख्य रूप से साइबेरिया और अलास्का में पाया जाता है। सर्दियों के दौरान वहां का तापमान बेहद कम होने के कारण यह भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे गर्म क्षेत्रों की ओर प्रवास करता है। सितंबर और अक्टूबर के दौरान होने वाले इस मौसमी प्रवास के रास्ते में कॉर्बेट का इलाका भी पड़ता है, जिससे यहां इसकी मौजूदगी संभव हुई है।

कॉर्बेट की जैव विविधता में जुड़ा एक और नाम

इस दुर्लभ पक्षी के दिखाई देने से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के अधिकारी भी उत्साहित हैं। रिजर्व के उपनिदेशक सिरिन पंडित ने बताया कि कॉर्बेट अपनी समृद्ध जैव विविधता और पक्षियों की विविध प्रजातियों के लिए जाना जाता है। यहां 600 से अधिक प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं, जिनमें स्थानीय और प्रवासी दोनों शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि पैसिफिक गोल्डन प्लोवर एक प्रवासी पक्षी है, जो सर्दियों के मौसम में उत्तरी क्षेत्रों से भारत और अन्य एशियाई देशों की ओर आता है। कॉर्बेट में इसका पहली बार दिखाई देना एक महत्वपूर्ण और दुर्लभ घटना है। इस खोज से पक्षियों पर आगे अध्ययन करने के साथ-साथ उनके संरक्षण से जुड़े प्रयासों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

वन्यजीव विशेषज्ञों और पक्षी प्रेमियों का मानना है कि पैसिफिक गोल्डन प्लोवर की यह मौजूदगी कॉर्बेट की समृद्ध पारिस्थितिकी का एक और प्रमाण है। साथ ही, इससे रिजर्व में दर्ज पक्षी प्रजातियों की सूची में एक महत्वपूर्ण नया नाम जुड़ गया है।

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