Satya Niketan: सत्य निकेतन में इमारत गिरने के हादसे के बाद छात्रों में डर, तलाश रहे नया आशियाना

Satya Niketan:  सूटकेस पैक किए जा रहे हैं, कमरे खाली किए जा रहे हैं और सामान गाड़ियों में लादा जा रहा है। दिल्ली के सत्य निकेतन में रहने वाले छात्रों के लिए, इलाके में एक इमारत के गिरने से उनका जाना-पहचाना मोहल्ला अब ऐसी जगह बन गया है, जहां किसी भी पल कुछ भी हो सकता है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास घनी आबादी वाले इलाके की एक तंग गली में रविवार को लड़कों के पेइंग गेस्ट आवास के तौर पर इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत ढह गई। इससे आस-पास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

आस-पास के पीजी में रहने वाले छात्रों को अब वहां से हटाया जा रहा है। कुछ छात्रों के लिए उनके पीजी के मालिकों ने रहने की दूसरी व्यवस्था की है। कुछ छात्रों को रहने के लिए दूसरी जगहों पर भेजा जा रहा है तो वहीं कुछ छात्र दिल्ली छोड़कर वापस अपने घर चले गए हैं या फिर रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ रहने लगे हैं।

कई छात्रों का कहना है कि हादसे ने उनके परिवारों को भी उनकी सुरक्षा को लेकर बहुत चिंता में डाल दिया है। छात्रों का कहना है कि उन्हें छात्र संगठनों से भी मदद मिल रही है। कुछ संगठन अस्थायी रहने की जगह दे रहे हैं और प्रभावित छात्रों को उनकी सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस पाने में भी मदद कर रहे हैं।

इमारत गिरने के हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी। इसे लेकर जांच जारी है।इसके बावजूद, छात्र रहने के लिए सुरक्षित जगह खोजने और अपना जो भी सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस मिल सके उसे वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं। इलाका तुरंत छोड़ने को मजबूर कई छात्रों के जेहन में एक सवाल जरूर आ रहा है कि जिन इमारतों को वे अपना घर कहते हैं, क्या वे रहने के लिए सुरक्षित हैं भी या नहीं?

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