Uttarakhand: चारधाम में आस्था का रिकॉर्ड, पर्यटन विस्तार पर सरकार का फोकस

Uttarakhand: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बरकरार है, मौसम की चुनौतियों के बावजूद चारधाम धामों में अब तक 47 लाख 45 हजार से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने यात्रा से जुड़े आंकड़े साझा करते हुए कहा कि सरकार धार्मिक यात्रा के साथ प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों को भी देश-दुनिया के नक्शे पर नई पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रही है।

मंत्री के मुताबिक, 15 अगस्त तक यमुनोत्री में 6 लाख 64 हजार 251, गंगोत्री में 7 लाख 41 हजार 349, केदारनाथ में 14 लाख 56 हजार 854 और बद्रीनाथ में 16 लाख 32 हजार 363 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। चारों धामों में कुल 47 लाख 45 हजार 456 श्रद्धालुओं के पहुंचने का आंकड़ा सामने आया है। वहीं, हेमकुंड साहिब में भी 2 लाख 5 हजार 69 श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं।

सतपाल महाराज ने बताया कि चारधाम और हेमकुंड साहिब के लिए अब तक 60 लाख 48 हजार 695 श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण करा चुके हैं। बारिश के कारण यात्रा की रफ्तार में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है।

सरकार अब चारधाम यात्रा तक पर्यटन को सीमित रखने के बजाय प्रदेश के दूसरे धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों को भी विकसित करने पर जोर दे रही है। पर्यटन विविधीकरण के तहत महासू मंदिर परिसर के विस्तार के लिए करीब 120 करोड़ रुपये की योजना पर काम किया जा रहा है। वहीं कार्तिकेय स्वामी मंदिर के विकास के साथ कुमाऊं में आदि कैलाश और ओम पर्वत जैसे स्थलों को भी पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से लाने की तैयारी है।

पर्यटकों को नए धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव देने के लिए शाक्त, वैष्णव, शैव, महासू और गोलू सर्किट विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा लेखकों के बंगले में मौजूद रवींद्रनाथ टैगोर के सुईट को भी पर्यटकों के लिए खोला गया है। यानी सरकार का फोकस अब सिर्फ चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था के साथ उत्तराखंड के प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन को व्यापक पहचान दिलाने पर है।

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