Dhruv Rathee controversy: ध्रुव राठी के वीडियो पर 15 दिन में फैसला करे GAC, दिल्ली हाईकोर्ट का निर्देश

Dhruv Rathee controversy: दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार की ग्रिवांस अपीलेट कमेटी (GAC) को निर्देश दिया कि वह यूट्यूबर ध्रुव राठी के वीडियो “Can Hindus Eat Beef? | Kerala Story 2 Exposed” को हटाने की मांग वाली लंबित अपील पर 15 दिनों के भीतर फैसला करे। यह आदेश अधिवक्ता अमिता सचदेवा की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया था कि वीडियो में भगवान राम और माता सीता को लेकर आपत्तिजनक और मानहानिकारक सामग्री दिखाई गई है। उन्होंने अदालत से वीडियो हटाने या GAC को उनकी अपील पर जल्द निर्णय लेने का निर्देश देने की मांग की थी।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि संबंधित वीडियो को प्लेटफॉर्म द्वारा हटाया जाना चाहिए था। उनका कहना था कि वीडियो की सामग्री समाज में विभाजन पैदा करने वाली और नुकसान पहुंचाने वाली हो सकती है। गूगल की ओर से अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता पहले ही सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत ग्रिवांस अपीलेट कमेटी (GAC) में अपील दायर कर चुकी हैं।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने GAC को निर्देश दिया कि वह लंबित अपील पर 15 दिनों के भीतर निर्णय ले। इसके साथ ही अदालत ने याचिका का निस्तारण कर दिया। याचिका में कहा गया था कि अमिता सचदेवा ने पहले यूट्यूब के रेजिडेंट ग्रिवांस ऑफिसर के पास शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद उन्होंने GAC में अपील की, लेकिन आईटी नियम 2021 के नियम 3A(4) में तय समय सीमा के बावजूद कोई फैसला नहीं लिया गया। याचिका में यह भी बताया गया कि इसी मामले से जुड़ी एक आपराधिक शिकायत साकेत कोर्ट में भी लंबित है, जहां वीडियो को लेकर एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अदालत ने पहले संबंधित थाना प्रभारी (SHO) से एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी थी।

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