Delhi Crime: दक्षिण दिल्ली के छतरपुर श्मशान घाट पर अपनी 11 साल की बेटी के अंतिम संस्कार के दौरान उसके दुखी पिता ने कहा, “एनकाउंटर न्याय नहीं है, मैं चाहता हूं कि आरोपी को फांसी हो।” उनकी बेटी का कथित तौर पर अपहरण कर रेप किया गया और फिर हत्या कर दी गई थी।
पिता का ये बयान तब सामने आया जब दिल्ली पुलिस ने आरोपी कैब ड्राइवर के पैर में गोली मारी। वो पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने बताया कि बिहार का रहने वाला आरोपी जांच के दौरान भागने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद उसे रोकने के लिए को गोली चलानी पड़ी। इसके बाद उसे इलाज के लिए ले जाया गया और उसकी हालत स्थिर बताई गई।
उस सुबह की भयानक घटना को याद करते हुए, पीड़िता के पिता ने पीटीआई वीडियो को बताया कि वे फुटपाथ पर सो रहे थे, तभी कैब ड्राइवर ने उनकी बेटी का अपहरण कर लिया। उन्होंने कहा, “मेरी बेटी चिल्लाई भी थी। मैं कैब के पीछे भागा और उसकी कार पर एक डंडा भी फेंका।” उन्होंने बताया कि उन्होंने कार देखी और पुलिस को फोन किया। पिता ने आगे कहा, “मैंने पुलिस को कार का नंबर दिया। जो अधिकारी आए, उन्होंने बहुत मदद की। उन्होंने मुझसे कहा, ‘चिंता मत करो, हम आपके साथ हैं’।”
उन्होंने बताया कि बाद में उन्हें पता चला कि पुलिस ने आरोपी का एनकाउंटर कर दिया है। पीटीआई वीडियो से बात करते हुए उनका दर्द साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि उसे कड़ी से कड़ी सजा और मौत की सजा मिले।” श्मशान घाट के दिल दहला देने वाले दृश्यों ने पीड़ित परिवार के सदमे को उजागर किया जो इस अपराध की वजह से पूरी तरह टूट चुका है।
भारी पुलिस तैनाती के बीच नाबालिग का शव श्मशान घाट लाया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए परिसर के अंदर और बाहर पुलिस तैनात थी। बच्चे के परिवार वाले गहरे सदमे में थे और उनका रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम संस्कार के दौरान कई रिश्तेदार बेहोश हो गए और वहां मौजूद लोगों ने उनकी मदद की।
एक व्यक्ति चिल्लाया, “हमने सब कुछ खो दिया है। आरोपी को मौत की सजा मिलनी चाहिए।” श्मशान घाट का माहौल गमगीन था और शोक मनाने वाले लोग पीड़ित परिवार के आसपास जमा थे।
पुलिस के मुताबिक, लड़की को कथित तौर पर महरौली में फुटपाथ से अगवा किया गया, जहां वो सोमवार तड़के अपने परिवार के साथ सो रही थी। एक कैब ड्राइवर ने कथित तौर पर उसका अपहरण किया, उसके साथ रेप किया और बाद में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड के किनारे जंगल वाले इलाके में पत्थर के नीचे शव को छिपा दिया।
वारदात के छह घंटे के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। 20 से ज्यादा पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस के जरिए उसका पता लगाया था।