America Iran Deal: अमेरिका-ईरान की जंग खत्म होने पर आधिकारिक रूप से मुहर लग गई है, आखिकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने शांति समझौते पर दस्तखत कर दिए। जानकारी के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के समझौते में यह तय हुआ है कि ईरान अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को कम करेगा और उस पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएंगे। इसके बाद ईरान को तुरंत अपना तेल खुलकर बेचने की अनुमति मिल जाएगी, जो अमेरिका की ओर से एक बड़ी रियायत मानी जा रही है।
इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्यदो महीने के लिए बिना टोल के खोला जाएगा। साथ ही, हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजराइल के हमलों के बीच लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई है। कई दिनों तक गोपनीयता रखने के बाद, अमेरिकी अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर पत्रकारों को समझौते का ड्राफ्ट बताया। बाद में ईरान के सरकारी टीवी ने जो जानकारी जारी की, वह काफी हद तक अमेरिका द्वारा बताई गई बातों से मिलती-जुलती थी।
अधिकारियों ने कहा था कि ट्रंप और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को समझौते पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर किए थे और शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर समारोह होना था। लेकिन एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि ट्रंप ने फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन के बाद बुधवार को वर्साय में रहते हुए इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी बुधवार को इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। हालांकि ईरान ने इस पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि क्या इससे अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों की बातचीत की समय-सीमा शुरू हो गई है। यह भी साफ नहीं है कि वर्साय में ट्रंप के हस्ताक्षर और रविवार को किए गए डिजिटल हस्ताक्षर में क्या अंतर है।
समझौते का आधिकारिक टेक्स्ट अभी जारी नहीं किया गया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ड्राफ्ट में यह शामिल है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने और न ही हासिल करने पर सहमत है। साथ ही यह भी शर्त है कि ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को उसी जगह पर कम संवर्धन स्तर पर लाया जाएगा।
इसके बदले में अमेरिका ईरान पर लगे कुछ बड़े प्रतिबंध हटाने की दिशा में कदम उठाएगा, लेकिन सभी प्रतिबंध पूरी तरह खत्म नहीं किए जाएंगे। अमेरिकी अधिकारियों और ईरानी ड्राफ्ट के अनुसार, इस समझौते के तहत जलडमरूमध्य से बिना रोक-टोक आवाजाही की सुविधा केवल 60 दिनों के लिए ही मिलेगी, और आगे चलकर इसके लिए शुल्क लेने की संभावना भी बनी रहेगी। यह अभी साफ नहीं है कि शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में कोई औपचारिक समारोह होगा या फिर इस शिखर सम्मेलन का उपयोग आगे की बातचीत के लिए किया जाएगा।