Haryana: मुख्यमंत्री ने किया विभागीय पत्रिका ‘जल संजीवनी’ का विमोचन

Haryana: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा निवास में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की योजनाओं, उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी प्रदेश के नागरिकों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से विभागीय पत्रिका ‘जल संजीवनी’ के प्रथम संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, उद्योग एवं वाणिज्य तथा सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह, शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को हरियाणा निवास में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की योजनाओं, उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी प्रदेश के नागरिकों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से विभागीय पत्रिका ‘जल संजीवनी’ के प्रथम संस्करण का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जल संजीवनी’ पत्रिका विभाग की कार्यप्रणाली, उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह प्रकाशन न केवल नागरिकों को विभाग की विभिन्न जनहितकारी पहलों से अवगत कराएगा, बल्कि जल संरक्षण, जल सुरक्षा तथा स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पत्रिका विभाग की जनहितकारी पहलों को आमजन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने विभाग के इस प्रयास की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा आज जल प्रबंधन एवं ग्रामीण पेयजल व्यवस्था के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार के सतत प्रयासों तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की प्रभावी कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप प्रदेश ‘शुद्ध जल, पर्याप्त जल’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप हर व्यक्ति तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए कृतसंकल्प है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने बताया कि ‘जल संजीवनी’ पत्रिका में विभाग द्वारा पेयजल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, नवाचारों तथा विकासात्मक पहलों का व्यापक विवरण प्रस्तुत किया गया है। पत्रिका में जल जीवन मिशन सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रदेशवासियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए किए गए कार्यों, जलापूर्ति कवरेज, बजट के प्रभावी उपयोग तथा आधारभूत संरचना विकास से संबंधित प्रमुख उपलब्धियों को शामिल किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस पत्रिका में जल गुणवत्ता प्रबंधन, आधुनिक जल परीक्षण प्रयोगशालाओं की सुविधाओं तथा नागरिकों को उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं का विस्तृत उल्लेख किया गया है। प्रदेश के उत्कृष्ट जल शोधन संयंत्रों एवं सीवेज उपचार संयंत्रों की कार्यप्रणाली, विभाग द्वारा अपनाई गई श्रेष्ठ कार्य प्रणालियों, तकनीकी नवाचारों तथा जल संरक्षण एवं स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष प्रयासों को भी पत्रिका में प्रमुखता से स्थान दिया गया है। उन्होंने बताया कि पत्रिका में विभाग द्वारा समुदाय के सहयोग से संचालित गतिविधियों, विभिन्न क्षेत्रों में किए गए निरीक्षण एवं जनसंवाद कार्यक्रमों, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण पहलों तथा हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं के माध्यम से कार्यों में लाई गई पारदर्शिता एवं दक्षता को भी दर्शाया गया है।

नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विभाग द्वारा शिकायत निवारण तंत्र को भी सुदृढ़ किया गया है। केंद्रीकृत शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं का विभागीय सेवाओं पर विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाने, जल स्रोतों के संरक्षण, आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के माध्यम से हरियाणा ने जल सुरक्षा एवं सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। ‘जल संजीवनी’ पत्रिका विभाग के इन्हीं प्रयासों, नवाचारों एवं उपलब्धियों का प्रतिबिंब है, जो हरियाणा को जल प्रबंधन एवं स्वच्छता के क्षेत्र में एक सशक्त, प्रगतिशील एवं प्रेरणादायी राज्य के रूप में प्रस्तुत करती है।

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