West Bengal CM: पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल की बैठक के दौरान राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अंतिम निर्णय ले लिया गया है। बैठक में वरिष्ठ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे।
बैठक के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने शुभेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा। इसके बाद उपस्थित सभी भाजपा विधायकों से सहमति ली गई, जिसके बाद उनके नाम पर अमित शाह ने औपचारिक मुहर लगाई, वो कल सुबह 11 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे.
शुभेंदु ममता सरकार में विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष थे. बंगाल में बीजेपी की भारी जीत में उनका अहम योगदान है. उन्होंने ममता बनर्जी को भी चुनाव हराया है. बीजेपी विधायक दल की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने शुभेंदु के नाम का प्रस्ताव रखा. इसके बाद उनके सीएम बनने पर मुहर लग गई. शुभेंदु कल सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. थोड़ी देर में सुवेंदु राज्यपाल से मिलने जा सकते हैं और सरकार बनाने का प्रस्ताव रख सकते हैं.
गृह मंत्री अमित शाह को बीजेपी ने पर्यवेक्षक बनाकर बंगाल भेजा था. उन्होंने ही विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता की. बैठक के बाद शाह ने कहा कि आज बीजेपी बंगाल विधानसभा के सदस्यों की मीटिंग यहां बुलाई गई है. उस मीटिंग में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुझे और मोहन चरण माझी को केंद्र की ओर की तरफ से पर्यवेक्षक के रूप में भेजा. कुछ दिन पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी हुई है. लगभग 8 प्रस्ताव और समर्थन प्राप्त हुए हैं, सभी प्रस्ताव और समर्थन एक ही नाम के लिए मिले है, दूसरे नाम के लिए भी सबको समय दिया गया है. दूसरा नाम नहीं आया है इसलिए मैं केंद्रीय पर्यवेक्षेक के रूप में शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधानमंडल के नेता के रूप में निर्वाचित करता हूं.
भाजपा की ऐतिहासिक जीत
इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में इतिहास रच दिया है। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 206 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई। साल 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को केवल 77 सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार पार्टी ने जबरदस्त बढ़त बनाते हुए पहली बार बंगाल में सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है।
शुभेंदु अधिकारी-
शुभेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर 1970 को पूर्वी मेदिनीपुर के कांथी में एक समृद्ध राजनीतिक परिवार में हुआ था.उनके पिता शिशिर अधिकारी बंगाल की राजनीति में सम्मानित और कद्दावर नाम हैं. मेदिनीपुर के पूरे क्षेत्र पर दशकों से अधिकारी परिवार का प्रभाव रहा है. शुभेंदु ने राजनीति की शुरुआती बारीकियां उन्हीं से सीखीं. उन्होंने अपना राजनीतिक करियर 1989 में कांग्रेस की छात्र परिषद से शुरू किया.उस दौर में पूरे बंगाल में वामपंथी छात्र संगठनों का एकछत्र दबदबा था, ऐसे में एक विपक्षी छात्र नेता के रूप में उन्हें पहचान बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा.1995 में कांथी नगर पालिका में पार्षद के रूप में चुनकर उन्होंने अपने चुनावी सफर की औपचारिक शुरुआत की.
लगातार दो बार ममता बनर्जी को हराया-
शुभेंदु ने ममता बनर्जी के साथ ही TMC की नींव रखी. हालांकि उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी से नाता तोड़ लिया था और बीजेपी में शामिल हो गए थे. शुभेंदु लगातार दो चुनावों में ममता बनर्जी के सामने खड़े हुए. उन्होंने 2021 के विधानसभा में ममता बनर्जी को नंदीग्राम से चुनाव हराया था. वहीं इस बार वो फिर ममता बनर्जी के सामने भवानीपुर से चुनावी मैदान में उतरे. उन्होंने फिर ममता बनर्जी को चुनाव हराया. शुभेंदु इस बार नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही सीटों से चुनाव जीते हैं.भेंदु के हाथों में थी, जिससे 2011 में 34 साल पुरानी वामपंथी सरकार का पतन सुनिश्चित हुआ.