Bengaluru Daycare Abuse: आरोपी विजयलक्ष्मी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, 5 आया भी गिरफ्तार

Bengaluru Daycare Abuse: बेंगलुरु के ब्रुकफील्ड स्थित एक डेकेयर सेंटर में कथित बाल उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार आरोपी विजयलक्ष्मी को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस मामले ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।

बेंगलुरु पुलिस आयुक्त ने पुष्टि की कि शिशु के साथ कथित यातना और दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, एफआईआर में नामजद आरोपी विजयलक्ष्मी की पहचान वायरल हुए वीडियो फुटेज के सत्यापन के दौरान हुई, जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने इसे “पूरी तरह अस्वीकार्य” करार दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

गृह मंत्री ने बताया कि डेकेयर सेंटरों के संचालन के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) निर्धारित है, लेकिन इस मामले में उसका पालन होता नहीं दिख रहा। उन्होंने कहा कि प्रबंधन से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।

उन्होंने कहा, “माता-पिता अपने छोटे बच्चों की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी डेकेयर सेंटरों को सौंपते हैं। ऐसे संस्थानों को अत्यंत सावधानी और निर्धारित नियमों के तहत संचालित किया जाना चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ।”

खड़गे ने कहा कि यह मामला केवल संबंधित कंपनी की प्रतिष्ठा को ही नहीं, बल्कि “ब्रांड बेंगलुरु” की छवि को भी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला उस समय सामने आया जब डेकेयर सेंटर के भीतर शिशुओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के वीडियो सामने आए। पुलिस जांच में अब तक पांच महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जो केंद्र में आया (नैनी) के रूप में कार्यरत थीं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मंजुला, विजयलक्ष्मी, भवानी, सिंधु और बिंदु के रूप में हुई है।

एचएएल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ किशोर न्याय बालकों की देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351 के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो में छोटे बच्चों के साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप दिखाई देते हैं। आरोप है कि बच्चों को वॉशिंग मशीन के अंदर रखा गया, टॉयलेट के जेट स्प्रे से पानी डाला गया, शौचालयों में बंद किया गया और उन्हें चुप रहने के लिए डराया-धमकाया गया।

फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *