Jharkhand: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के तीनों सदस्यों ने आयोग द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर हो रहे व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के बीच इस्तीफा दे दिया, लोक भवन की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं।
सीआईडी ने तीनों सदस्यों को प्रश्नपत्र लीक समेत अन्य अनियमितताओं के आरोपों के संबंध में पूछताछ के लिए तलब किया था। इसके बाद यह घटनाक्रम सामने आया। अधिकारियों ने बताया कि जेएमएम नेता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी अजीता भट्टाचार्य से 10 अगस्त को पूछताछ की जानी है।
उन्होंने बताया कि अहमद से 12 अगस्त और हांसदा से 14 अगस्त को पूछताछ होगी। तीनों सदस्यों की नियुक्ति सितंबर 2021 में की गई थी। जेपीएससी के अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि खियांग्ते से 28 जुलाई से अब तक चार बार पूछताछ की जा चुकी है।
सीआईडी ने 28 जुलाई को खियांग्ते से नौ घंटे और 29 व 31 जुलाई को आठ-आठ घंटे पूछताछ की थी। पीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में सीआईडी ने खियांग्ते के सरकारी आवास समेत कई जगहों पर तलाशी ली थी। इससे एक दिन पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
इसपर खियांग्ते ने कहा था कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने “अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया”। बता दें कि राज्य के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद, पिछले साल फरवरी में खियांग्ते को इस पद पर नियुक्त किया गया था।
इससे पहले, जेपीएससी ने विरोध-प्रदर्शनों के बीच “अनिवार्य परिस्थितियों” का हवाला देते हुए 25 से 27 जुलाई तक होने वाली कंबाइंड सिविल सर्विसेज मेन्स परीक्षा को टाल दिया था।