Uttarakhand: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के डिगोली गांव से शिक्षा व्यवस्था और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। गांव के बच्चे स्कूल पहुंचने के लिए नदी पार करने को मजबूर हैं। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, डिगोली गांव के करीब 20 से 25 बच्चे रोजाना स्कूल जाने के लिए इस जोखिम भरे रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। बताया गया है कि ये बच्चे GIC भेटा स्कूल पहुंचने के लिए नदी पार करते हैं।
पुल की कमी बनी बड़ी समस्या
पहाड़ी इलाकों में सड़क, पुल और संपर्क मार्गों की कमी लंबे समय से ग्रामीणों के लिए चुनौती बनी हुई है। बागेश्वर में भी मानसून के दौरान नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ जाती है। जिले के अन्य हिस्सों में भी बच्चों को नदी पार कर स्कूल जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं।
बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
स्कूल तक पहुंचने के लिए नदी पार करना बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद जोखिम भरा है। तेज बहाव के दौरान थोड़ी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए स्थायी पुल या वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था की जाए।
ग्रामीण इलाकों में शिक्षा तक पहुंच केवल स्कूल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के लिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। डिगोली की तस्वीर प्रशासन के सामने इसी बुनियादी चुनौती को रेखांकित करती है।