Uttarakhand: कुमाऊंनी लोकसंगीत के सुविख्यात गायक और संस्कृतिकर्मी दीवान कनवाल का 65 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। अल्मोड़ा के खत्याड़ी निवासी कनवाल पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और बुधवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
अपने 35 वर्षों के शानदार करियर में उन्होंने ‘दाज्यु हमार जवाई रिषे ग्ये’ और ‘आज कुछे मैत जा’ जैसे कई कालजयी हिट गीत दिए। उनकी मधुर आवाज और सादगी ने उन्हें जनमानस का चहेता बनाया। उनके निधन से उत्तराखंड के सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर है। लोक कलाकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे कुमाऊंनी लोककला के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
सीएम धामी ने सोशल मीडिया के जरिए लिखा कि “देवभूमि उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोक गायक श्री दीवान सिंह कनवाल जी के निधन का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। उनका निधन लोक संस्कृति एवं संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने राज्य के लोक संगीत को नई पहचान दी तथा पहाड़ की संस्कृति, परंपरा और लोकजीवन को अपने गीतों के माध्यम से जीवंत बनाए रखा। ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोक संतप्त परिजनों, प्रशंसकों को यह असीम कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति…!”
देवभूमि उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोक गायक श्री दीवान सिंह कनवाल जी के निधन का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। उनका निधन लोक संस्कृति एवं संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
उन्होंने राज्य के लोक संगीत को नई पहचान दी तथा पहाड़ की संस्कृति, परंपरा और लोकजीवन को अपने गीतों के माध्यम…
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) March 11, 2026