Uttarakhand: झीलों की नगरी नैनीताल की पहचान रही नैनीझील पर इस समय संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इसके अलावा ये नैनीताल शहर के लोगों के लिए पानी का भी मुख्य स्रोत भी है। हालांकि लगातार कम हो रही बारिश और बर्फबारी से झील का जलस्तर तेजी से गिर रहा है।
मौजूदा वक्त में झील का जलस्तर केवल चार फीट पांच इंच रह गया है, जो पिछले पांच सालों में सबसे कम है। यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले दिनों में नैनीताल के लोगों को पेयजल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
पिछले साल की तुलना में जल स्तर में दो इंच की गिरावट ने अधिकारियों और पर्यावरणविदों के बीच खतरे की घंटी बजा दी है। जलवायु विशेषज्ञों ने प्रशासन और लोगों से अपील की है कि वे वर्षा जल संचयन और पानी के बेहतर उपयोग जैसे उपायों को लागू करें ताकि झील के जल स्तर को बनाए रखा जा सके और यहां के लोगों को पेयजल के संकट का सामना न करना पड़े।