पहाड़ों में आफत बनी बारिश, भूस्खलन से 100 से ज्यादा मार्ग बंद, पांच जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड में बरसात का तांडव देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के पूवार्नुमान के अनुसार राजधानी देहरादून सहित गढ़वाल और कुमाऊं के कई जिलों में भारी बारिश का सिलसिला जारी है, जिस कारण मैदानी इलाकों में जहां कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है। उधर, पहाड़ी जिलों में केदारनाथ, बदरीनाथ हाईवे के साथ कई ग्रामीण सड़कें जगह-जगह पर भूस्खलन के चलते मलबा आने से बंद पड़े हैं। भारी बारिश को देखते हुए शासन और सभी जिलों के प्रशासन अलर्ट पर हैं। बारिश के कारण बंद सडकों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। इधर, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कम से कम 5 ज़िलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
दो दिन से बंद लामबगड़ नाला
चमोली के जोशीमठ में दूसरे दिने भी लामबगड नाला नहीं खुल पाया है। जिसके चलते बदरीनाथ धाम जाने वाले श्रदालु हाईवे के खुलने का इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि शुक्रवार को भारी बारिश के चलते बदरीनाथ राष्टीय राजमार्ग लामबगड़ नाला उफान पर होने से राजमार्ग के 10 मीटर हिस्सा सड़क बह गई है। जिसके चलते बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया। बीआरओ द्वारा हाईवे को खोलने का कार्य शुरु कर दिया गया है। हाईवे के बंद होने से बदरीनाथ धाम जाने वाले वाहनों को गोविन्दघाट वा पाण्डूकेश्वर में रोका गया है। देर शांय पैदल आने वाले तीर्थ यात्रीयों को रेस्कूय कर निकाला गया है।
केदारघाटी में जगह-जगह भूस्खलन से कई मार्ग बाधित केदार घाटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है मन्दाकिनी सहित सहायक नदियों के जल स्तर में लगातार वृद्धि होने से ग्रामीण डर के साए में जीने को मजबूर हैं। रूद्रप्रयाग-गौरीकुण्ड राष्ट्रीय राजमार्ग पर बासबाड़ा सहित विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन होने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है। भीरी-मक्कूमठ मोटर मार्ग पर पल्द्वाणी के निकट चट्टान खिसकने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप है। कुण्ड-चोपता-गोपेश्वर नेशनल हाईवे पर भी जगह-जगह भूस्खलन होने से राहगीरों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने पड़ रही है।
पिथौरागढ़ में भूस्खलन से मकान क्षतिग्रस्त
पिथौरागढ़ में बीते देर शाम से जारी मूसलाधार बारिश के कारण धारचूला नगर के निकट एल-धारा के पास भारी मात्रा में भूस्खलन हो रहा है। जिस कारण यहां बड़े-बड़े बोल्डर और मलवा धारचूला बाजार की ओर आ रहा है। इतना ही नहीं बोल्डर और मलबे के कारण दो मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं अन्य भवन भी खतरे की जद में हैं। जिस कारण लगभग 40 परिवारों को टीआरसी, जीआईसी और जनजाति छात्रावास में बने आश्रय स्थलों में शिफ्ट किया गया है।
जौनसार-बावर में कई मोटर मार्ग बंद
देहरादून में जारी भारी बारिश के चलते जौनसार-बावर के चकराता में हनोल-चातरा मोटर मार्ग पर भूस्खलन से बड़े-बड़े बोल्डर आने से मार्ग बाधित हो गया है। जिससे कई गांव का रास्ता शहर से कट गया है। बता दें कि त्यूनी, मोरी मोटर मार्ग, हनोल-चातरा, खारसी, बडनू, कुलाल, रोटा, पटीयुड, बनियाना, सेंज चदेऊ, सिलिखड, डीमीज समेत 15 मोटर मार्ग बंद हैं। इस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामने करना पड़ रहा है।
मसूरी देहरादून मार्ग दो घंटे बाद खुला
मसूरी देहरादून मार्ग गलेगी पावर हाउस के पास भारी भूस्खलन होने से बंद गया। इस दौरान मार्ग के दोनों और वाहनों की लगी लंबी कतार लग गई, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। भूस्खलन के बाद भारी मात्रा में आए मलवा को हटाने में लोक निर्माण विभाग ने 2 जेसीबी लगाकर करीब 2 घंटे के बाद मार्ग को खोलकर यातायात सुचारू किया गया। बता दें कि मसूरी देहरादून गलेगी पावर हाउस के पास पहाड़ का ट्रीटमेंट ना होने के कारण लगातार हो भूस्खलन होने से मार्ग पर मालवा आने से बंद होता रहता है जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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