Haridwar: सालाना कांवड़ मेले के लिए पवित्र शहर हरिद्वार में हफ्तों तक श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी भीड़ रहने के बाद, अब घाटों और सड़कों की सफाई का वक्त आ गया है। ये सालाना तीर्थयात्रा मंगलवार को सावन की शिवरात्रि के दिन खत्म हुई। लाखों कांवड़िए ‘हर की पौड़ी’ से गंगाजल लेकर अपनी-अपनी मंजिल के लिए रवाना हुए।
हालांकि, हरिद्वार नगर निगम के सामने अब एक बड़ी चुनौती है। वो है तीर्थयात्रियों द्वारा छोड़े गए कचरे को हटाने के लिए बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाना। इसलिए, कई सफाई टीमें अहम जगहों पर तैनात की गई हैं। हालांकि हर की पौड़ी के आस-पास के घाटों को रातों-रात साफ कर दिया गया था, लेकिन अब सफाई अभियान दूसरे इलाकों में भी फैल गया है, जिसमें अलकनंदा से विष्णु घाट तक का हिस्सा भी शामिल है। नगर निगम का कहना है कि शहर को साफ करने का यह अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।
शहर को छोड़कर समूचे जिले में फैले कचरे को साफ करने के लिए प्रशासन ने 12 से 18 अगस्त तक विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया है। वहीं नगर आयुक्त ने खाली हुए घाट पर सफाई कर्मियों के विशाल समूह को उतार दिया।