उत्तराखंड- यहां मनरेगा की मजदूरी का पैसा डकार गया सिस्टम, 5 साल बाद भी नही मिला पैसा

चमोली-  ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों की आर्थिकी को सुधारने के लिए मनरेगा योजना लागू की गई थी। लेकिन थराली  विकासखंड के चेपडो ग्राम पंचायत की टुनरी तोक की पूनम देवी के लिए मनरेगा जी का जंजाल बन गया है। दरअसल, पूनम देवी ने मनरेगा के अंतर्गत वर्ष 2016 से 2019 तक श्रमिक के रूप में गांव की विभिन्न योजनाओं में काम किया था, लेकिन इस अवधि का भुगतान पूनम देवी को 5 साल बीत जाने के बाद भी नहीं हो पाया है। आये दिन खंड विकास कार्यालय के चक्कर लगाने और मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराने के बाद भी पूनम देवी को उनकी मजदूरी और मेहनत का भुगतान नहीं हो पाया है। उधर, वहीं खंड विकास अधिकारी थराली ने सिस्टम का हवाला देते हुए बताया कि श्रमिक का आधार कार्ड pfms में इनएक्टिव दिखायी देने के चलते ये भुगतान नहीं हो पाया था। उन्होंने कहा कि जब अपडेटेड आधार कार्ड जमा कराया जाएगा। उसके बाद उकनकी मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published.