Dehradun: देश की सीमाओं की रक्षा में शौर्य, साहस और बलिदान की गौरवशाली परंपरा निभाने वाली भारतीय सेना की गढ़वाल राइफल्स का इतिहास वीरता की अनगिनत गाथाओं से भरा है। इसी गौरवशाली विरासत और सैनिकों के अदम्य साहस को याद करते हुए पूर्व सैनिक संगठन दसवीं गढ़वाल राइफल्स ने बटालियन का 61वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया।
देहरादून के कारगी चौक स्थित जेपी प्लाजा में आयोजित समारोह में शहीदों को नमन किया गया, वीर नारियों को सम्मानित किया गया और पूर्व सैनिकों ने बटालियन से जुड़ी यादें साझा कीं। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डिवीजन के डिप्टी कमांडर मेजर जनरल अंबरीश गुंजन शामिल हुए। स्थापना दिवस समारोह पूर्व सैनिकों ने परिवार सहित शिरकत की।
सैनिक जीवन केवल वर्दी और अनुशासन तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह देश के प्रति समर्पण, साथियों के प्रति विश्वास और सर्वोच्च बलिदान की भावना का प्रतीक भी है। दसवीं गढ़वाल राइफल्स के 61वें स्थापना दिवस समारोह में यही भाव देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर की गई। उपस्थित पूर्व सैनिकों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस और बलिदान को याद किया।
समारोह के मुख्य अतिथि डिवीजन के डिप्टी कमांडर मेजर जनरल अमरेश गुंजन ने गौरव सेनानियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बटालियन की गौरवशाली सैन्य परंपराओं को याद करते हुए वीरता, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दसवीं गढ़वाल राइफल्स ने अपनी उत्कृष्ट सैन्य सेवाओं और समर्पण से विशिष्ट पहचान बनाई है। इस अवसर पर उन्होंने तीन वीर नारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। वीर नारियों का सम्मान समारोह का भावुक और महत्वपूर्ण क्षण रहा, जिसने देश के लिए अपने प्रियजनों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले परिवारों के प्रति कृतज्ञता का संदेश दिया।
पूर्व सैनिक संगठन दसवीं गढ़वाल राइफल्स के अध्यक्ष कैप्टन जगमोहन सिंह नेगी ने स्थापना दिवस समारोह में बटालियन से जुड़ी अपनी यादें साझा कीं। सैन्य सेवा के चुनौतीपूर्ण दिनों को याद किया, तो किसी ने साथियों के बीच बने विश्वास, अनुशासन और भाईचारे के अनुभव साझा किए। वर्षों बाद एक मंच पर जुटे इन गौरव सेनानियों के लिए यह अवसर पुरानी यादों को ताजा करने के साथ-साथ अपने सैन्य परिवार से दोबारा जुड़ने का भी रहा। समारोह के संयोजक सेवानिवृत्त कैप्टन गणेश जोशी सहित संगठन के सदस्यों ने बटालियन की परंपराओं को आगे बढ़ाने और पूर्व सैनिकों के बीच आपसी समन्वय एवं एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया।
दसवीं गढ़वाल राइफल्स का 61वां स्थापना दिवस केवल एक समारोह नहीं, बल्कि उन मूल्यों को दोहराने का अवसर भी बना, जिनके बल पर सैनिक हर परिस्थिति में राष्ट्रसेवा के लिए तत्पर रहते हैं। देश की रक्षा में समर्पित जवानों से लेकर उनके परिवारों और सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज से जुड़े रहने वाले पूर्व सैनिकों तक, यह आयोजन सैन्य गौरव और कृतज्ञता की साझा अभिव्यक्ति रहा। समारोह में मौजूद गौरव सेनानियों ने बटालियन की गौरवशाली विरासत को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी प्रेरक परंपराओं को पहुंचाने का संकल्प लिया।