Dehradun: उत्तराखंड की बीजेपी सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने अपने पति पर मारपीट, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
ये एफआईआर 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट पुलिस स्टेशन में कानून की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। इसमें ‘अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम’ की तीन धाराएं भी शामिल हैं। एफआईआर में आर्य ने बताया है कि वह अनुसूचित जाति से आती हैं और साहू को शुरू से ही ये बात पता थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के समय साहू ने उन्हें ये बताकर धोखा दिया कि वो कुंवारे हैं।
आर्य द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर की कॉपी के अनुसार, “कुछ साल बाद मुझे सच्चाई पता चली कि वह पहले से शादीशुदा थे और उनकी पहली शादी से बच्चे भी थे। तब तक हमारे अपने बच्चे भी हो चुके थे। परिवार वालों की सलाह पर और अपने बच्चों के भविष्य के लिए, मैंने चुप रहना ही बेहतर समझा।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि साहू के “अन्य महिलाओं के साथ अवैध संबंध हैं।” एफआईआर में कहा गया है, “जब मैंने इस पर आपत्ति जताई, तो पहले तो उन्होंने अपनी गलती मान ली और लिखित व मौखिक रूप से माफी भी मांगी। लेकिन माफी मांगने के बाद भी वह ऐसा ही करते रहे। जब मैंने इन रिश्तों का विरोध किया, तो गिरधारी लाल साहू ने मेरे साथ मारपीट और गाली-गलौज शुरू कर दी और मुझे जान से मारने की धमकी भी दी।”
आर्य ने ये भी बताया कि हाल ही में उन्हें एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है, जिसमें साहू एक महिला के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रचते हुए सुनाई दे रहे हैं। एफआईआर दर्ज कराने के बाद आर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो और वही ऑडियो रिकॉर्डिंग पोस्ट की। मंत्री के अनुसार ऑडियो सुनने के बाद ही उन्होंने पुलिस के पास जाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ये कदम अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया है।
महिलाओं से घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने का आग्रह करते हुए, रेखा आर्य ने कहा, “महिला चाहे आम हो या जानी-मानी—घरेलू हिंसा को सहना नहीं चाहिए; इसके खिलाफ जरूर बोलना चाहिए।” इन घटनाओं के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और फिलहाल वे अस्पताल में भर्ती हैं।