Dehradun: देहरादून की पहचान रही पारंपरिक दून बासमती एक बार फिर अपनी खुशबू बिखेरने को तैयार है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प, जिला प्रशासन की पहल और किसानों की मेहनत से विलुप्त होती इस विरासत को नया जीवन मिल रहा है। पिछले वर्ष सफल ट्रायल के बाद इस बार 160 किसान 75 हेक्टेयर क्षेत्र में 2.2 दून बासमती की रोपाई कर रहे हैं।
प्रशासन बीज संरक्षण, सीड बैंक, टेस्टिंग, ब्रांडिंग और किसानों से सीधी खरीद के जरिए दून बासमती को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रहा है।
वहीं विकासनगर में सीड बैंक की स्थापना और आधुनिक टेस्टिंग सुविधा विकसित करने की तैयारी भी की जा रही है, जिससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो सके। रीप और हिलान्स के माध्यम से किसानों को बेहतर बाजार और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।
प्रशासन का लक्ष्य दून बासमती को एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित कर किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ देहरादून की पारंपरिक कृषि विरासत को भी संरक्षित करना है। यदि यह अभियान इसी गति से आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले वर्षों में दून बासमती एक बार फिर देश-विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बना सकती है।