Char Dham Yatra: सालाना चार धाम यात्रा शुरू हो गई, तीर्थयात्रा मार्ग पर व्यापारियों और सेवा देने वालों के लिए एलपीजी सिलेंडरों की कमी भारी चिंता का विषय है। ये पश्चिम एशिया में संघर्ष का असर है।
रुद्रप्रयाग में ढाबा मालिकों, होटल संचालकों और छोटे विक्रेताओं का कहना है कि अनियमित गैस आपूर्ति से उनके रोजमर्रे के कामकाज में पहले से रुकावट आ रही थी। उस वक्त तीर्थयात्रा की तैयारियां जोरों पर थीं।
कई लोग अब महंगे और कम असरदार विकल्पों का रुख करने पर मजबूर हैं। इससे परिचालन लागत बढ़ रही है। उन्हें अंदेशा है कि खाने के सामानों की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे तीर्थयात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
कई रेस्तरां मालिकों की आजीविका थोड़े समय चलने वाली तीर्थयात्रा पर निर्भर है। वे एलपीजी आपूर्ति लगातार बनाए रखने के लिए राज्य और केंद्र सरकारों से तत्काल कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
सालाना चार धाम यात्रा में तेजी आ रही है। व्यापारियों का कहना है कि सरकार ने मदद के लिए जल्द कदम नहीं उठाए तो उनकी आजीविका खतरे में पड़ सकती है, जिसका असर तीर्थयात्रा पर भी पड़ेगा।