UP News: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने राज्य में कांग्रेस के बड़े संगठनात्मक फेरबदल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अराधना मिश्रा ‘मोना’ को यूपी कांग्रेस कमेटी (UPCC) का अध्यक्ष और इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने से प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में “कोई फर्क नहीं पड़ेगा।”
एएनआई से बातचीत में राजभर ने कहा, “इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कांग्रेस को किसी मुस्लिम नेता को अपना मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करना चाहिए। मेरा यही सुझाव समाजवादी पार्टी के लिए भी है, क्योंकि उसे मुस्लिम समुदाय से बड़ी संख्या में वोट मिले हैं।” अराधना मिश्रा के उस बयान पर भी राजभर ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने प्रियंका गांधी के नेतृत्व में 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 40 प्रतिशत महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। राजभर ने कहा कि यह वही कांग्रेस है, जिसने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किया था।
उन्होंने कहा, “यह वही कांग्रेस है जिसने लोकसभा और विधानसभा में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किया था। अब किस मुंह से वे मांगें रखने आए हैं? इन मुद्दों को महिलाओं के बीच जरूर उठाया जाएगा।” इससे पहले कांग्रेस ने राज्य की विधायक अराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया। कांग्रेस की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, उन्होंने निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की जगह ली है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल के हस्ताक्षर वाली अधिसूचना के मुताबिक, अराधना मिश्रा वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। वह इससे पहले उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधानमंडल दल (CLP) की नेता रह चुकी हैं।
कांग्रेस आलाकमान द्वारा मंजूर संगठनात्मक फेरबदल के तहत लोकसभा सांसद इमरान मसूद को UPCC का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने चौधरी वीरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस विधानमंडल दल का नेता नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।