UP News: शिक्षा व्यवस्था के उत्थान और शिक्षकों के सम्मान के प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कितने संवेदनशील हैं, इसकी बानगी शनिवार को शिक्षक दिवस पर योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित सम्मान समारोह में देखने को मिली। राज्य अध्यापक पुरस्कार और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित सभी 81 शिक्षकों को सीएम ने अपने हाथों पुरस्कार दिया, जबकि तय कार्यक्रम के अनुसार उन्हें सिर्फ 10 शिक्षकों को ही सम्मानित करना था। मुख्यमंत्री की इस पहल से प्रदेश भर से आए शिक्षक मुदित हो गए।
सीएम योगी को मंच पर राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित बेसिक शिक्षा विभाग के 5 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 5 यानी कुल 10 शिक्षकों को ही अपने हाथ से पुरस्कृत करना था। पर, जब शिक्षकों को पुरस्कृत करने की बारी आई तो मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी चयनित 81 शिक्षकों की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा और वह सभी को खुद पुरस्कृत करेंगे। इसके बाद पहले से तय 10 शिक्षकों के बाद सीएम योगी ने अन्य सभी 71 शिक्षकों को भी मंच पर बुलवाकर खुद पुरस्कृत किया।
मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत हुए शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार राशि के रूप में 25 हजार रुपये का प्रतीकात्मक चेक सौंपा। महिला शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने और पुरुष शिक्षकों को बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने अंगवस्त्र पहनाया। बाद में सभी पुरस्कृत शिक्षकों को मां सरस्वती की प्रतिमा भी भेंट की गई। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त इन शिक्षकों को आजीवन उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में प्रतिवर्ष 4000 किलोमीटर की निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। साथ ही इनकी सेवानिवृत्ति की सीमा भी दो वर्ष बढ़ जाएगी।