Prayagraj: संगम नगरी प्रयागराज में हालात अब सुधरने लगे हैं, शहर के नदी किनारे बसे इलाकों और निचले हिस्सों में कई दिनों तक बाढ़ रहने के बाद गंगा और यमुना का जलस्तर कम होने लगा है। जिला प्रशासन अब साफ-सफाई और जन-स्वास्थ्य पर ध्यान दे रहा है। डूबी हुई सड़कों से गाद और मलबा हटाने के लिए टीमें तैनात की जा रही हैं, कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है और पानी से होने वाली बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि “संगम क्षेत्र से भी गंगा का जलस्तर हो रहा है। जो सड़कें पानी भी डूबी थीं, वहां पर भी साफ-सफाई का अभियान चलाया जा रहा है। मोहल्ले हमारे हालांकि कोई भी प्रभावित नहीं हुए थे। लेकिन कुछ रिवर फ्रंट की सड़कें और कुछ एक क्षेत्र डूबे थे वहां पर टीमें लगा दी गई हैं। हम लोग लगातार अलर्ट हैं। जहां कहीं भी पानी इकट्ठा हुए है गांव में इकट्ठा हुआ था, जहां-जहां से पानी हट गया है वहां पर पंचायती राज विभाग की और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें काम कर रही है और छिड़काव भी किया जा रहा है। और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी लगाया है कि वो हेल्थ कैंप लगाकर लोगों का स्वास्थ्य चेक करेंगे।”
नदियों का जलस्तर बेशक कम हो रहा है, लेकिन प्रशासन अब भी पूरी तरह मुस्तैद है, ताकि अगर जलस्तर फिर से बढ़े तो उससे तुरंत निपटा जा सके। अब ध्यान साफ-सफाई बहाल करने, बीमारियों को फैलने से रोकने और ये पक्का करने पर है कि बाढ़ का पानी घटने से जन-स्वास्थ्य से जुड़ी कोई नई समस्या पैदा न हो।