AAP सांसद संजय सिंह का योगी सरकार पर हमला, कहा- अफसरों ने हड़प ली गरीबों की जमीन, उस पर चलाओ बुलडोजर

[ad_1]

अयोध्या. अयोध्या (Ayodhya) भगवान राम मंदिर से चंद किलोमीटर की दूरी पर माझा बरहटा गांव में महर्षि ट्रस्ट द्वारा सैकड़ों बीघा जमीन को लेकर हुई गड़बड़ी पर पर आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने मोर्चा खोल दिया. जमीन स्कूल अस्पताल के नाम पर खरीदने और दलित की जमीन 10 रुपये के गैर रजिस्टर्ड स्टांप पर ट्रस्ट के नाम ट्रांसफर कराने और उसे बेचने पर सवाल उठाए गए हैं. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह माझा बरहटा गांव पहुंचे और जमीन पर बैठकर गांव वालों के साथ बैठकर इस मसले पर पंचायत लगाकर बात की.

इस दौरान कई महिला और पुरुष सामने आए और उन्होंने रोते हुए अपनी कहानी सुनाई. इसके बाद वह लोग भी सामने आए जिन्होंने बाकायदा माइक से महर्षि ट्रस्ट द्वारा उत्पीड़न और धोखे से जमीन खरीदने की अपनी व्यथा सुनाई. इसके बाद संजय सिंह ने महर्षि ट्रस्ट के साथ भाजपा के विधायकों , मेयर और शीर्ष अधिकारियों की मिलीभगत से जमीन के बड़े घोटाले की बात कही.

संजय सिंह ने कहा कि इस मामले को वह राज्यसभा में भी उठाएंगे और सड़क से लेकर संसद तक इसके लिए संघर्ष करेंगे. सीधे तौर पर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वह कहते हैं कि गरीबों की जमीन कोई हड़पेगा तो बुलडोजर चलवा देंगे. अब मुख्यमंत्री भाजपा के नेताओं और अफसरों पर बुलडोजर चलाएं और उनको जेल भेजने के साथ गरीबों की जमीन वापस दिलाएं.

उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि 10 रुपये के स्टांप पर दलितों की जमीन कैसे ट्रस्ट के नाम हस्तांतरित हो गई. जो खुद प्रधानमंत्री आवास में रहता है उसने करोड़ों की जमीन कैसे ट्रस्ट को दान दे दी. सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद कैसे ट्रस्ट उस जमीन को बेच सकता है. इसलिए भाजपा के नेताओं और अधिकारियों के साथ ट्रस्ट की मिलीभगत के कारण इतनी बड़ी जमीन की जालसाजी हुई है. इसमें अधिकारियों और नेताओं ने भी करोड़ों कमाए हैं. इसलिए सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में इस मामले की जांच होनी चाहिए. और उन अधिकारियों को हटाना चाहिए जो इसमें संलिप्त हैं.

आपके शहर से (अयोध्या)

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश

टैग: AAP leader Sanjay Singh, अयोध्या समाचार, अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट भूमि घोटाला, यूपी खबर, यूपी चुनाव 2022

.

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.