Hockey Team: श्रीजेश की जगह सोयेज जूनियर पुरूष हॉकी टीम के कोच बने

Hockey Team:  फ्रांस के फ्रेडरिक सोयेज को भारतीय जूनियर पुरूष हॉकी टीम का नया कोच बनाया गया जो दो बार के ओलंपिक पदक विजेता पी. आर. श्रीजेश की जगह लेंगे। पूर्व स्टार गोलकीपर श्रीजेश का अनुबंध पिछले साल चेन्नई और मदुरै में एफआईएच जूनियर विश्व कप में कांस्य पदक जीतने के बाद खत्म हो गया था, हॉकी इंडिया ने उनके अनुबंध का नवीनीकरण नहीं किया ।

सोशल मीडिया पर एक तल्ख पोस्ट में श्रीजेश ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान पांच टूर्नामेंटों में पाँच पदक जीतने के बावजूद उनका अनुबंध नहीं बढाया गया लेकिन हॉकी इंडिया ने तर्क दिया कि यह फैसला 2036 ओलंपिक की मेजबानी की भारत की महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप एक टिकाऊ और उच्च स्तरीय प्रदर्शन वाला इकोसिस्टम बनाने के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए लिया गया था।

यूरोपीय हॉकी के बेहतरीन कोचों में से एक सोयेज के पास शीर्ष स्तर पर 15 साल का कोचिंग का अनुभव है। वह 1995 से 2010 तक फ्रांस के लिये 196 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और 195 गोल किए। इसके बाद फ्रांस और स्पेन के कोच रहे। उनके कोच रहते स्पेन रियो ओलंपिक में पांचवें स्थान पर रहा। वह तोक्यो ओलंपिक में भी स्पेन के कोच रहे जबकि पेरिस ओलंपिक 2024 में फ्रांस के मुख्य कोच थे।

स्पेन के कोच रहते उन्होंने टीम को 2019 यूरोपीय चैम्पियनशिप में रजत पदक दिलाया। सोयेज के कोच रहते फ्रांस की अंडर 18 टीम 2025 यूरोपीय चैम्पियनशिप में रजत पदक जीती थी। वह 2021 से 2024 तक फ्रेंच हॉकी महासंघ के हाई परफॉर्मेंस निदेशक रहे। उन्होंने तीन ओलंपिक (2016, 2020, 2024) के अलावा दो विश्व कप (2018, 2023) में कोच की भूमिका निभाई। इसके अलावा छह यूरोपीय चैम्पियनशिप (2013, 2015, 2017, 2019, 2021, 2023) में भी कोच रहे।

हाई परफार्मेंस सिस्टम, खिलाड़ियों के विकास और पेनल्टी कॉर्नर रणनीति के लिये मशहूर सोयेज ने लगातार ऐसी टीमें तैयार की हैं जिनमें सभी स्तरों पर सुदृढ़ रणनीतिक संरचना और प्रतिस्पर्धी निरंतरता मौजूद रही है। उनकी नियुक्ति का स्वागत करते हुए हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा ,‘‘ हम हॉकी इंडिया परिवार में सोयेज का स्वागत करते हैं ।उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर का शानदार अनुभव है और उनका अनुभव तथा कौशल भारतीय हॉकी को लाभान्वित करेगा चूंकि हम 2036 ओलंपिक का दीर्घकालिन विजन लेकर चल रहे हैं ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘हमारा ध्यान न केवल तत्काल परिणामों पर नहीं है, बल्कि एक प्रतिभाओं का एक गहरा पूल और एक ऐसी कोचिंग संरचना तैयार करने पर भी है, जो सब-जूनियर से लेकर सीनियर स्तर तक एक समान बनी रहे। सभी स्तरों पर हर राष्ट्रीय शिविर में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ भारतीय कोचों को शामिल करके, हम कोचिंग के दर्शन, खिलाड़ियों के विकास और रणनीतिक समझ में निरंतरता सुनिश्चित कर रहे हैं।’’

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