Harmanpreet: भारत की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे और आखिरी टी20 मैच में 41 गेंद में 91 रन की नाबाद पारी के जरिये लंबे खराब फॉर्म को अलविदा कहने के बाद अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख सकी।
इस महीने की शुरूआत में तीनों प्रारूपों में भारत की कप्तानी छोड़ने वाली हरमनप्रीत ने पिछले दस मैचों में अर्धशतक नहीं लगाया था। पारी के ब्रेक में उन्होंने मेजबान प्रसारक से कहा ,‘‘ बहुत अच्छा लग रहा है । मैं अपने खेल का मजा लेना चाहती थी और क्रीज पर समय बिताकर अच्छा लगा ।’’
वे पारी के बाद कमेंटेटरों से बातचीत के दौरान अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख सकी । उस समय वह भारतीय महिला टीम के पूर्व मुख्य कोच डब्ल्यू वी रमन से बात कर रही थी जब अचानक रो पड़ी । उन्होंने कहा ,‘‘मैं बस लंबी पारी खेलना चाहती थी और खुशी है कि ऐसा कर सकी । मुझे लगता है कि इसका श्रेय आपको (रमन) भी जाता है ।’’
हरमनप्रीत ने कहा,‘‘जब हम आये तो आपने कहा कि अब तुम वैसे ही खेलो, जैसे खेलना चाहती हो। और मैं यही करना चाहती थी , अपने खेल का मजा लेना चाहती थी । उस सलाह के लिये धन्यवाद ।’’ उन्होंने कहा कि अब कप्तानी छोड़ने के बाद उन पर कोई दबाव नहीं है।
उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे नहीं लगता कि किसी तरह का दबाव है । मैं बस अपने खेल का मजा लूंगी । एशियाई खेलों के बाद मैने नेट पर काफी समय बिताया। मैं हिमांशु भैया (उनके बल्लेबाजी कोच) को धन्यवाद देना चाहती हूं जिन्होंने मुझ पर काफी मेहनत की है।’’