Cricket: ईशान किशन ने भले ही बेहद मुश्किल परिस्थितियों में भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ टी20 प्रदर्शन किया हो, लेकिन इस तूफानी बल्लेबाज ने खुद माना कि एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में श्रीलंका के बेहतरीन स्पिन आक्रमण का सामना करते हुए पिच पर मौजूद दरारों को देखकर उन्हें भरोसा नहीं था कि वो इतनी अच्छी पारी खेल पाएंगे।
लगातार बारिश और उसके बाद तेज धूप के कारण पिच के नीचे नमी जम गई थी, जिससे बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई और पिच पर असमान उछाल और स्क्वायर टर्न मिल रहा था। ऐसे माहौल में कोरोगी एथलेटिक पार्क में किशन की 46 गेंदों पर खेली गई नाबाद 80 रनों की पारी किसी रत्न से कम नहीं थी, क्योंकि पूरी श्रीलंकाई टीम कुल मिलाकर केवल 45 रन ही बना पाई।
जीत के बाद ईशान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ईमानदारी से कहूं तो मुझे लगा कि पिच पर खेलना बहुत मुश्किल था।” “मुझे बीच में उतना आत्मविश्वास नहीं था, लेकिन हमारी टीम मीटिंग में एक योजना बनी थी। ईशान किशन ने कहा कि “बीच में जो भी बल्लेबाज जम जाता है, उसे पूरे 20 ओवर तक क्रीज पर टिके रहना चाहिए, क्योंकि यही सबसे अच्छा तरीका है जिससे वह बड़े रन बना सकता है और टीम को एक निश्चित लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद कर सकता है”
किशन ने कहा कि उन पर पारी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी थी क्योंकि किसी नए बल्लेबाज के लिए आकर स्पिनरों पर हमला करना कभी आसान नहीं होता। “मुझे लगा कि अगर कोई बल्लेबाज अचानक आकर बड़े शॉट खेलने को कहे, तो उसके लिए बड़े रन बनाना बहुत मुश्किल होता है।
जापान यात्रा के बारे में कुछ हल्के-फुल्के सवालों का जवाब देते हुए ईशान किशन ने कहा कि ‘मैंने अभी तय किया है कि शादी के बाद मैं अपने परिवार के साथ यहां आऊंगा।’