Cricket: भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने उम्र को लेकर कथित गलत जानकारी देने के मामले में बंगाल के लेग स्पिनर रोहित यादव पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है। खास बात ये है कि कुछ हफ्ते पहले ही उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी श्रृंखला के लिए भारत की अंडर-19 टीम में चुना गया था।
उत्तर प्रदेश के रहने वाले रोहित ने जुलाई में भारत की अंडर-19 टीम के साथ श्रीलंका का दौरा किया था, उन्होंने वहां छह विकेट लिए थे और टीम को अंतिम टेस्ट जीतने में अहम योगदान दिया था। बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया, “उन पर दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है।”
रोहित को इस महीने के अंत में राजकोट और अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम के खिलाफ होने वाले भारत के घरेलू वनडे और बहुदिवसीय मुकाबलों के लिए भी टीम में शामिल किया गया था। श्रीलंका दौरे के दौरान दस्तावेजों की जांच में उनकी उम्र को लेकर विसंगतियां सामने आईं। रोहित के पास जन्म के तीन अलग-अलग प्रमाणपत्र मिले, जिनमें जन्म वर्ष 2007, 2009 और 2010 दर्ज है।
इसके अलावा उनके आधार रिकॉर्ड में भी अलग-अलग जन्म वर्ष पाए गए। बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) में उनका जन्म वर्ष 2007 दर्ज था, जबकि आधार रिकॉर्ड में 2017 और 2020 के अपडेट में 2006 और 2021 में इसे बदलकर 2009 किया गया। इन विसंगतियों के कारण वे आयु वर्ग की क्रिकेट खेलने के लिए अयोग्य पाए गए। सीएबी ने इन गड़बड़ियों के चलते पहले ही रोहित को अपनी जूनियर टीमों से बाहर कर दिया था और बाद में बीसीसीआई को इसकी जानकारी दी।
अब बोर्ड ने उन्हें दो साल तक घरेलू क्रिकेट खेलने से भी रोक दिया है और सभी संबद्ध राज्य क्रिकेट संघों को इसकी सूचना दे दी है। रोहित उन 62 खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्हें सीएबी ने दस्तावेजों और उम्र संबंधी विसंगतियों के कारण 2026-27 और 2027-28 सत्र में किसी भी टूर्नामेंट के लिए पंजीकरण या स्थानांतरण के लिहाज से अयोग्य घोषित किया है। इस सूची में भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के पूर्व सदस्य रवि कुमार और बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर विशाल भट्टी भी शामिल हैं। रवि 2022 में भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के अहम सदस्य रहे हैं।
सीएबी रिकॉर्ड में उनकी उम्र को लेकर 45 महीने का अंतर पाया गया है। संघ ने कई अन्य आयु वर्ग के खिलाड़ियों के रिकॉर्ड में भी कई वर्षों तक की विसंगतियां चिन्हित की हैं। ये कार्रवाई खिलाड़ियों के दस्तावेजों और जन्म तिथि के रिकॉर्ड की व्यापक जांच का हिस्सा है, जिसकी सूची सीएबी ने अपनी वेबसाइट पर भी जारी की है।