पंजाब चुनाव: बेअदबी के मुद्दे को भुनाने की कोशिश में सिद्धू, विरोधियों और पार्टी को भी घेरा, दबाव में चन्नी सरकार

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स्वाति भान

चंडीगढ़: पंजाब की सियासत में गुरुद्वारे में हुई बेअदबी (अपवित्र) की घटनाओं का मुद्दा छाया हुआ है और आगामी विधानसभा चुनावों (पंजाब विधानसभा चुनाव) में यह बड़ा मुद्दा साबित हो सकता है. पंजाब कांग्रेस चीफ नवजोत सिंह सिद्धू (नवजोत सिंह सिद्धू) इस मुद्दे को भुनाना चाहते हैं. इसी सिलसिले में सोमवार को वे फरीदकोट पहुंचे, जहां उन्होंने 2015 में बेहबल कलां में बेअदबी से जुड़े प्रदर्शन के दौरान पुलिस की फायरिंग में मारे गए 2 लोगों के परिजनों से मुलाकात की. पीड़ित परिजन फायरिंग वाले स्थल पर न्याय की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं.

पंजाब में बेअदबी एक भावनात्मक मुद्दा है व राज्य में विधानसभा चुनाव होने में कुछ ही महीने बाकी हैं और इस मुद्दे पर राजनीति अस्वीकार्य है लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू 2015 में हुए बेअदबी की घटना और उसके बाद हुई फायरिंग में 2 लोगों की मौत को लेकर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए अपनी पार्टी पर सवाल उठा रहे हैं.

2015 में बेहबाल कलां इलाके में पुलिस की फायरिंग में दो सिख नागरिकों की मौत हो गई थी. इस घटना के 5 साल बाद एक मृतक सिख के बेटे कृष्ण भगवान सिंह ने प्रदर्शन करते हुए अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं. इस युवक का कहना है कि उसने सरकार से न्याय मिलने की उम्मीद खो दी है और वह इस प्रदर्शन के जरिए पंजाब के राजनीतिक दलों का पर्दाफाश करना चाहता है. दरअसल 2015 में बेअदबी के विरोध में सिख प्रदर्शनकारी फरीदकोट में प्रदर्शन कर रहे थे इस दौरान पुलिस ने उन पर फायरिंग कर दी थी. उस वक्त सूबे में शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी की गठबंधन की सरकार थी.

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पीड़ित परिवार से मिले नवजोत सिंह सिद्धू
नवजोत सिंह सिद्धू ने धरना स्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति और एकजुटता दिखाई. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अमृतसर और कपूरथला में कथित तौर पर हुई बेअदबी की घटनाओं के बाद सिद्धू को फिर से चरणजीत सिंह चन्नी सरकार पर दबाव डालने का मौका मिला है.

सिद्धू से जुडे़ करीबी सूत्रों ने कहा कि बेअदबी की हालिया घटनाओं के बाद उन्होंने अपने समर्थकों से कहा है कि इस मामले में सरकार को कार्रवाई करने की जरूरत है क्योंकि इससे राज्य में बहुमत रखने वाले मतदाताओं का विश्वास जीता जा सकता है. सिद्धू के साथ जुड़े एक नेता ने कहा कि, बेअदबी से जुड़ी सभी घटनाएं महत्वपूर्ण हैं जिनकी बदौलत कांग्रेस सत्ता में आई थी और अब यह धारणा मजबूत हो रही है कि सरकार उन दोषियों के खिलाफ सख्त नहीं है इसलिए ऐसी घटनाएं आगे भी होती रहेंगी और इसका राजनीतिक नतीजा भी सामने आएगा.

सिद्धू ने एक तीर से किए दो शिकार

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि हाल ही में हुए बेअदबी की घटनाओं से सिद्धू को ना केवल चरणजीत सिंह चन्नी सरकार पर दबाव बनाने का अवसर मिला है बल्कि राजनीतिक विरोधियों शिरोमणि अकाली दल पर हमला करने का मौका भी मिला है. एक नेता ने कहा कि अकाली दल बेअदबी और फायरिंग से जुड़ी घटना को लेकर दबाव में रहा है, वहीं हाल की घटनाओं की निंदा करने के बावजूद बहुत से लोग यह मानने को तैयार नहीं है कि इससे उन्हें राजनीतिक लाभ मिलेगा.

पंजाब की चरणजीत सिंह चन्नी सरकार ने बेअदबी से जुड़ी संवेदनशील घटनाओं और उससे जुड़े राजनीतिक परिणामों को ध्यान में रखते हुए, इन घटनाओं की एसआईटी जांच के आदेश दे दिए हैं. कांग्रेस नेता ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू लगातार इन मुद्दों को उठाते रहे हैं और यही वजह है कि हाल ही में हुई बेअदबी की घटनाओं ने उन्हें फिर से सुर्खियों में ला दिया और राज्य सरकार दबाव में है. बता दें कि इससे पहले नवजोत सिंह सिद्धू बेअदबी से जुड़े मामलों में दोषियों को फांसी देने की मांग कर चुके हैं.

टैग: 2015 बेअदबी का मामला, Charanjit Channi, नवजोत सिंध सिद्धू

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