ड्रग केस के बाद सियासी हवाओं ने बदला रुख, लोग बोले- मजीठिया का जीतना आसान नहीं

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(अंकुर शर्मा)
चंडीगढ़.
ड्रग केस दर्ज होने के बाद शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया (Bikram Singh Majithia) के विधानसभा चुनाव क्षेत्र मजीठा (Majitha) में सियासी हवाएं भी उनके खिलाफ होने लगी हैं. ड्रग केस दायर होने के बाद उनके क्षेत्र के लोग अब दबी जुबान से कहने लगे हैं कि अब वे उनका साथ नहीं दे सकते, क्योंकि अब उनका जीतना आसान नहीं है. विस क्षेत्र में चुनाव प्रचार के बैनरों की फीकी चमक अब उनके मैदान से भागने की कहानी बयान कर रही हैं. News18 ने बुधवार को अमृतसर के पास मजीठा में एक दिन बिताया और सियासी मिजाज जानने की कोशिश की.

दरअसल केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विदेश भाग जाने के अंदेशे से ड्रग मामले में मजीठिया के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है. कोई नहीं जानता कि शिअद नेता मजीठिया कहां हैं? यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह किसी अन्य राज्य में जाकर छिप गए हैं. वह गिरफ्तारी से बचने के लिए कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं और आज गुरुवार को उन्होंने मोहाली की अदालत में जमानत याचिका दायर की है. यहां रहने वाले लोगों ने News18 को बताया कि मजीठा में भी लोग उसकी तलाश कर रहे हैं, क्योंकि वह वहां लंबे समय से नहीं दिख रहे हैं. वह यहां से तीन बार विधायक रहे हैं, साल 2007 से सीट जीत रहे हैं और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत बादल के भाई हैं. अकाली दल में उन्हें युवाओं के बीच वोट खींचने वाला माना जाता है.

स्थानीय लोगों का दावा है कि मजीठिया के लिए आगामी चुनाव आसान नहीं है. उनका कहना है कि वे उनके काम से बहुत खुश नहीं हैं, हालांकि चुनाव मैदान में उनका उनका पक्ष अभी भी भारी है. मजीठिया का दबदबा यहां स्पष्ट है, क्योंकि स्थानीय लोग विशेष रूप से व्यवसायी उनके खिलाफ कोई भी बुरा शब्द नहीं कहना चाहते हैं, लेकिन दबी जुबान में कहते हैं कि उन्हें वोट नहीं देंगे. एक स्थानीय जोगिंदर सिंह ने कहा कि मजीठिया ने लोगों की मदद करना बंद कर दिया है.

मजीठिया के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज होने के बाद मजीठा विधानसभा क्षेत्र की प्रतिष्ठा को धक्का लगा है. एक स्थानीय नागरिक गुरमीत सिंह कहते हैं कि उन्होंने गांवों को बर्बाद कर दिया है. उन्होंने कहा कि आप गांव में जाकर लोगों से ही पूछताछ कर लो, वह इस बार आसानी से चुनाव नहीं जीत पाएंगे.

मजीठा के एक युवक गुरबख्शीश सिंह ने कहा कि मजीठिया ने इलाके के लिए काम किया है, लेकिन दूसरी पार्टियों को भी मौका मिलना चाहिए. कुछ अन्य कहते हैं कि एक समय था जब बिक्रम मजीठिया क्षेत्र में एक शक्तिशाली नायक की तरह थे और हर कोई यह गर्व से कहता था कि वह उनके निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित है. सिलाई की दुकान चलाने वाली एक महिला ने कहा कि वह लोगों के लिए काम करते थे. वह यहां के राजा थे, लेकिन उनका जादू अब फीका होता दिख रहा है.

टैग: पंजाब विधानसभा चुनाव 2022, Sukhbir singh badal

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