West Bengal: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चेयरपर्सन ममता बनर्जी के खिलाफ सिलीगुड़ी के एक पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह FIR कोलकाता सेंट्रल डिवीजन के हेयर स्ट्रीट थाने में 07/06/2026 को दोपहर 3:45 बजे दर्ज की गई। FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1), 351(2) और 352 के तहत दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता तुषार कांति दास ने आरोप लगाया कि 09/03/2026 को आरोपी ने कोलकाता के एस्प्लेनेड (धर्मतला) में मेट्रो चैनल के सामने ‘धरना मंच’ पर एक भ्रामक भाषण दिया। इस भाषण का मकसद शांति भंग करना, सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करना, सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाना और राज्य के लोकतांत्रिक ढांचे को खतरे में डालना था।
यह FIR पश्चिम बंगाल में चुनावी गहमागहमी और बड़े राजनीतिक बदलावों के बीच दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने सामाजिक सद्भाव पर इस भाषण के असर का हवाला देते हुए पुलिस से दखल की मांग की। उन्होंने इसे चुनावी मर्यादा और संवैधानिक मानकों का उल्लंघन बताया।
कानून लागू करने वाले अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जांच अभी शुरुआती दौर में है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमें शिकायत मिली है और कानूनी प्रक्रिया के तहत मामला दर्ज किया गया है। भाषण के सभी पहलुओं और जिस संदर्भ में यह दिया गया था, उसकी बारीकी से जांच की जा रही है।”
इस घटनाक्रम ने राज्य में राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। जहां विपक्षी दलों ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे कानून के शासन और चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने के लिए जरूरी बताया है, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने FIR को “राजनीति से प्रेरित” करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि यह उनके नेतृत्व को निशाना बनाने की कोशिशों का ही एक हिस्सा है।
राज्य में चुनाव के बाद की स्थिति के बीच पुलिस की जांच जारी है। अधिकारियों द्वारा सबूत जुटाने और बताए गए बयानों की जांच करने के साथ ही आगे और जानकारी मिलने की उम्मीद है।