Tejashwi Yadav: पटना के होटल मौर्य में आयोजित राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लालू प्रसाद यादव ने अपनी राजनीतिक विरासत आधिकारिक तौर पर अपने छोटे बेटे तेजस्वी यादव को सौंप दी है। तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से RJD का पहला राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस बैठक में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राज्यसभा सांसद मीसा भारती, संजय यादव और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ देश भर के प्रदेश अध्यक्ष भी शामिल हुए।
राष्ट्रीय जनता दल के गठन के बाद यह पहला मौका है जब पार्टी में ‘राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष’ का पद सृजित किया गया है। अब तक लालू यादव ही सर्वेसर्वा रहे हैं, लेकिन अब तेजस्वी यादव के पास वे सभी शक्तियां होंगी जो राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास होती हैं। लालू यादव ने खुद इसका ऐलान करते हुए स्पष्ट कर दिया कि पार्टी के अब सभी बड़े और नीतिगत फैसले तेजस्वी यादव ही लेंगे।
बैठक के दौरान वरिष्ठ नेता भोला यादव ने तेजस्वी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे वहां मौजूद राबड़ी देवी, मीसा भारती और देश के 27 राज्यों से आए प्रदेश अध्यक्षों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वीकार किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि तेजस्वी वर्तमान में राजद का सबसे बड़ा चेहरा हैं और उन्हें यह जिम्मेदारी देना समय की मांग थी।
यह बैठक बिहार चुनाव में मिली करारी हार के बाद पहली बड़ी रणनीतिक बैठक है। बैठक में हार की वजहों पर गंभीर चर्चा की गई। तेजस्वी यादव ने संकेत दिया है कि चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले और भीतरघात करने वाले नेताओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। संगठन को 2029 के लोकसभा चुनाव और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर भी मंथन हुआ। राष्ट्रीय जिम्मेदारी कार्यकारी अध्यक्ष बनने के साथ ही तेजस्वी की भूमिका अब बिहार की सीमाओं से बाहर विस्तार लेगी। उन पर विपक्षी एकता को मजबूत करने और अन्य राज्यों में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।