Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी छोड़ने के फैसले पर कुछ हलकों में सवाल उठाये जाने के बीच, राघव चड्ढा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी के अंदर का माहौल खराब हो चुका था और नेताओं को काम करने से रोका जा रहा था। चड्ढा ने कहा कि ‘‘एक या दो व्यक्ति गलत हो सकते हैं, लेकिन सभी सात नहीं।’’ छह अन्य सांसदों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किये गए एक वीडियो में कहा कि पिछले तीन दिनों में उन्हें कई संदेश मिले हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ संदेशों में लोगों ने उन्हें बधाई दी जबकि कुछ उनके इस फैसले का कारण जानना चाहते हैं। चड्ढा ने बताया कि उन्होंने एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपना करियर छोड़कर राजनीति में कदम रखा और आम आदमी पार्टी के एक संस्थापक सदस्य बने। उन्होंने पार्टी को खड़ा करने के लिए अपनी जवानी के 15 साल लगा दिए।
उन्होंने कहा, “मैं राजनीति में करियर बनाने नहीं आया था।” उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के लिए अपना ‘‘खून-पसीना बहाया है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि हालांकि, पार्टी अब पहले जैसी नहीं रही और पार्टी में माहौल खराब हो गया है, जहां नेताओं को काम करने से और संसद में बोलने से रोका जाता है।
चड्ढा ने आरोप लगाया, ‘‘आज यह राजनीतिक दल कुछ भ्रष्ट और समझौता किये हुए लोग लोगों के हाथों में फंसा हुआ है। वे देश के लिए नहीं, बल्कि अपने निजी लाभ के लिए काम करते हैं।’’ उनके इस आरोप पर आम आदमी पार्टी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी। राज्यसभा सदस्य चड्ढा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से उन्हें ऐसा लग रहा था कि वे “गलत पार्टी में सही व्यक्ति” हैं और उनके पास केवल तीन विकल्प बचे थे – राजनीति छोड़ देना, पार्टी में रहकर स्थिति सुधारने का प्रयास करना या अपनी ऊर्जा और अनुभव को किसी अन्य मंच पर ले जाकर “सकारात्मक राजनीति” जारी रखना।
उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए मैंने अकेले नहीं, बल्कि छह अन्य सांसदों के साथ मिलकर इस राजनीतिक दल से संबंध तोड़ने का फैसला किया।” चड्ढा ने कहा कि अगर लोगों को काम करने से रोका जाता है, तो उनकी मेहनत दब जाती है और उन्हें चुप करा दिया जाता है। ‘‘ऐसे माहौल को छोड़ देना ही सही निर्णय है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि वे आम नागरिकों के मुद्दों को और अधिक ऊर्जा और उत्साह के साथ उठाते रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जतायी की कि नए राजनीतिक मंच पर वे अधिक प्रभावी ढंग से समाधान खोजकर उन्हें लागू कर सकेंगे। चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने 24 अप्रैल को घोषणा की कि वे पार्टी के चार अन्य सांसदों के साथ बीजेपी में शामिल हो रहे हैं।
आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले अन्य सदस्य हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी हैं। चड्ढा ने एक संवाददाता सम्मेलन में भारतीय संविधान का हवाला देते हुए कहा था कि किसी भी पार्टी के दो-तिहाई सांसद दूसरी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। शुक्रवार को सातों सांसदों ने राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर उन्हें बीजेपी में शामिल होने के बाद पार्टी का सदस्य माने जाने का अनुरोध किया था और सूत्रों के अनुसार, उनका अनुरोध स्वीकार कर लिया गया है।