Priyanka Gandhi: लोकसभा में प्रियंका ने कहा कि कुछ दिनों पहले हम राम मनोहर लोहिया अस्पताल गए थे, पुलिस लाठी चार्ज में घायल हुई छात्रा का हाल जानने। मैं सरकार से पूछना चाहती हूं कि क्या जरूरत थी लड़कियों पर दमन करने की। क्या जरूरत थी उनपर पैलट गन चलाने की। उनपर एक-47 चलाने की। छात्र तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थें। उन्होंने आगे कहा कि सरकार देश के नौजवानों से क्यों डरती है। अभी तक एक भी माफिया को सजा नहीं हुई। शिक्षातंत्र में आरएसएस प्रचारकों को भर लिया गया।
प्रियंका गांधी ने संसद में सरकार पर तीखा हमला करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि हम बार-बार सवाल कर रहे हैं कि इस कार्रवाई की अनुमति किसने दी और क्या यह आदेश प्रधानमंत्री या गृह मंत्री की ओर से आया था। प्रियंका गांधी ने कहा कि देश के छात्र, उनके माता-पिता और शिक्षक इस मामले में जवाब चाहते हैं। संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक जवाबदेही का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधि जनता के सेवक होते हैं, शासक नहीं। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल किया। ऐसे में उन्हें न्याय, पारदर्शिता और सम्मान मिलना चाहिए।
लोकसभा में पेपर लीक रोकने से जुड़े संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सदन आज जिस संशोधन पर चर्चा कर रहा है, वह उसी कानून में बदलाव है जिसे वर्ष 2024 में पारित किया गया था। उन्होंने दावा किया कि कानून बनने के बाद भी अब तक पेपर लीक के किसी आरोपी को सजा नहीं मिली है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से छात्रों के नाम सार्वजनिक किए जा रहे हैं, लेकिन पेपर लीक के आरोपियों की पहचान सामने नहीं लाई जा रही। प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपने सलाहकार बदलने चाहिए, क्योंकि केवल नई समितियां बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने राधाकृष्णन समिति का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें ऐसे लोगों को भी शामिल किया गया, जिनका शिक्षा से कोई संबंध नहीं है। इस दौरान उनकी टिप्पणी पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुस्कुराए तो प्रियंका गांधी ने कहा, “सर, आप मुस्कुराइए जरूर।”
उन्होंने फास्ट ट्रैक अदालतों के कामकाज पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सीबीआई के वकील पिछली सुनवाई में अदालत तक नहीं पहुंचे। प्रियंका गांधी ने कहा कि केवल अलग-अलग कैमरा एंगल से वीडियो बनाकर नई पीढ़ी को प्रभावित नहीं किया जा सकता, बल्कि प्रधानमंत्री को अपने दिल का एंगल बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पुलिस की लाठी केवल छात्रों की पीठ पर नहीं, बल्कि सरकार की साख पर भी पड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में चुनाव में वोट, राम मंदिर में चढ़ावे, किसानों की जमीन और सबसे बढ़कर देश के युवाओं के भविष्य की चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष भारत के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए हर लड़ाई लड़ने को तैयार है। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने टिप्पणी की कि प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी के भाषण की नकल की है।