PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशों में भारत के राजनयिक मिशनों के प्रमुखों को देश के राष्ट्रीय हितों को बढ़ावा देने के संबंध में “बहुमूल्य” मार्गदर्शन दिया। प्रधानमंत्री 11वें ‘हेड्स ऑफ मिशन्स कॉन्फ्रेंस’ को संबोधित कर रहे थे, जिसका विषय था ‘2047 के लिए भारतीय कूटनीति में सुधार’।
नई दिल्ली में आयोजित इस तीन-दिवसीय सम्मेलन का मुख्य जोर “भविष्य के लिए तैयार” भारतीय कूटनीति के लिए एक रोडमैप तैयार करने पर था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री के सामने 3टीएस – व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन – को बढ़ावा देने और “भारत की कहानी” को और अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने पर प्रस्तुतिकरण दिए गए।
उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि पीएम मोदी ने मिशन प्रमुखों से अहम बातें सुनीं और भारत की वैश्विक भागीदारी को मजबूत करने के बारे में वरिष्ठ और युवा राजनयिकों के विचार भी जाने। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने अपने विचार और सुझाव भी साझा दिए और 2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल करने के लिए भारत की कूटनीतिक भागीदारी के संबंध में मार्गदर्शन भी दिया।
एक्स पर एक पोस्ट में मोदी ने कहा, “नई दिल्ली में मिशन प्रमुखों के सम्मेलन में हिस्सा लिया। हमने व्यापार, तकनीक और रणनीतिक साझेदारियों को बढ़ावा देकर भारत की वैश्विक भागीदारी को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही अपने प्रवासी भारतीयों के साथ जुड़ाव को और गहरा करने पर भी बात की।”
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मोदी ने मिशन प्रमुखों (HoMs) को संबोधित करते हुए “विदेशों में भारत के राष्ट्रीय हितों को बढ़ावा देने के संबंध में बहुमूल्य मार्गदर्शन दिया”। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को उद्घाटन भाषण दिया था।
बयान में कहा गया, “तीन दिनों के दौरान, मिशन प्रमुखों ने योग, विचार-मंथन सत्रों, टेबल टॉप अभ्यासों और विषयगत चर्चाओं में हिस्सा लिया, जिसमें विभिन्न भू-राजनीतिक घटनाक्रमों, उभरती प्रौद्योगिकियों, 3टीएस (व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन), ‘भारत की कहानी’ और भविष्य के लिए तैयार कूटनीति जैसे विषयों पर चर्चा की गई।”