Pawan Khera: उच्चतम न्यायालय ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पासपोर्ट को लेकर की गई टिप्पणी से जुड़े मानहानि के एक मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी है।
पवन खेड़ा ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के 24 अप्रैल के उस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है, जिसमें उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि हाई कोर्ट ने मामले के तथ्यों का सही तरीके से आकलन नहीं किया और कुछ निष्कर्ष बिना पर्याप्त आधार के निकाले गए। खेड़ा को जमानत न देने का फैसला सही नहीं था।
अदालत ने यह भी पाया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 339 के संबंध में कुछ टिप्पणियां मामले के अभिलेखों में उचित आरोपों के बिना की गई थीं। 30 अप्रैल को उच्चतम न्यायालय में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदूरकर की बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।