Monsoon Session: आज संसद के मानसून सत्र का 14वां दिन है, पिछले 13 दिनों के दौरान सरकार और विपक्षी दलों के बीच गतिरोध जारी रहा है। विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही लगातार बाधित होती रही है, लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामा किया गया। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष से सदन सुचारू रूप से चलाने की अपील की और उनके न मानने पर कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
इससे पहले विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। विपक्ष ने 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी व गबन के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। समाजवादी पार्टी के सांसदों ने चंदा चोर, गद्दी छोड़ लिखे पोस्टर दिखाए, जबकि अन्य विपक्षी सांसदों ने अमित शाह जवाब दो के पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि राम मंदिर में कथित चोरी का मुद्दा उठाने का मतलब भगवान राम का विरोध करना नहीं है। वहीं केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस, सपा और सीपीआई पर भगवान राम विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन दलों ने पहले भी राम मंदिर निर्माण का विरोध किया था और अब संसद में इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।
भाजपा सांसद और संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने कहा कि मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फेसबुक वीडियो हटाए जाने के मामले में माफी मांगना भारत के कानून, संविधान और संसद की जीत है।
उन्होंने कहा कि भारत में कारोबार करने वाली हर कंपनी को भारतीय कानून का पालन करना होगा। दुबे का यह बयान उस बैठक के बाद आया, जिसमें मेटा के प्रतिनिधिमंडल ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, मेटा ने चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल (CSAM), डीपफेक सामग्री और प्लेटफॉर्म संचालन में हुई गलतियों पर भी खेद जताया।