Jhalmuri: झालमुरी, बंगाल का एक विशेष स्ट्रीट स्नैक, जो एक महीने से अधिक समय तक चले टीएमसी-बीजेपी के कड़वे संघर्ष में एक अप्रत्याशित प्रतीक बन गया था, जिसे शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पश्चिम बंगाल की पहली बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में प्रमुखता से शामिल किया गया।
समारोह में शामिल होने आए सैकड़ों लोग मुरमुरे, हरी मिर्च और अलग-अलग मसालों से बने इस स्नैक्स का स्वाद लेने के लिए स्टॉलों की ओर उमड़ पड़े। कोलकाता के दक्षिणी इलाके टॉलीगंज से शपथ ग्रहण समारोह देखने आई मंजरी बसु ने कहा, “चुनाव में हमारी शानदार जीत के कारण आज मुझे झालमुरी और भी ज्यादा पसंद आ रही है।”
हाथ में झालमुरी का पैकेट लिए उत्तर 24 परगना के बैरकपुर निवासी मनीष यादव ने कहा कि बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के कारण इस नाश्ते का स्वाद तीखा होने के बजाय मीठा लग रहा है। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के दौरान, जब प्रधानमंत्री मोदी ने 19 अप्रैल को झाड़ग्राम में अपने चुनाव प्रचार के दौरान अचानक रुककर एक साधारण सी सड़क किनारे की दुकान से झालमुरी का स्वाद चखा, तब इस साधारण से नाश्ते ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं।
तब से, ‘झालमुरी’ राजनीतिक विवाद का हिस्सा बन गई। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मोदी का दुकान पर रुकना “सिर्फ दिखावा” था और प्रधानमंत्री ने जवाब दिया कि नाश्ता खाने के बाद प्रतिद्वंद्वी पार्टी को मिर्च का तीखापन महसूस हो रहा है। मोदी ने कहा था कि बीजेपी चार मई को विजयोत्सव मनाएगी और लोगों में मिठाई और झालमुरी बांटेगी, वहीं तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वो प्रधानमंत्री को दिल्ली में मिलने वाली भेलपुरी भेजेंगी।