BRICS Summit: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता की। यह मुलाकात 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के औपचारिक उद्घाटन से एक दिन पहले हुई। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में भारत और रूस के बीच महत्वाकांक्षी द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को हासिल करने सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इससे पहले वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-रूस आर्थिक और औद्योगिक साझेदारी में तेजी लाने का आह्वान किया था। उन्होंने दोनों देशों के कारोबारियों से 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य की दिशा में काम करने की अपील की थी।
नई दिल्ली में रूसी उद्योग एवं व्यापार मंत्री एंटोन अलीखानोव के साथ INNOPROM India 2026 की को-चेयर प्लेनरी सेशन को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा था कि मौजूदा करीब 60 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लिए अगले चार वर्षों में लगभग 40 अरब डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि और दोहरे अंकों में वार्षिक विकास दर बनाए रखने की जरूरत होगी।
सूत्रों के अनुसार, भारत में INNOPROM की सफलता भी राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच चर्चा के एजेंडे में शामिल है। INNOPROM को भारत लाने से रूस के साथ औद्योगिक सहयोग के विस्तार, रेलवे और टनलिंग क्षेत्र में अधिक सहयोग, स्टील वैल्यू चेन के विकास, B2B अवसरों को बढ़ाने और रूसी बाजार तक पहुंच का विस्तार करने का रास्ता खुला है।
INNOPROM यानी इंटरनेशनल इंडस्ट्रियल एग्जिबिशन एक वैश्विक मंच है, जो दुनिया भर के निर्माताओं और खरीदारों को एक साथ लाता है। यह अत्याधुनिक तकनीकों को प्रदर्शित करने, अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने और उत्पादक नेटवर्किंग के लिए प्रभावी B2B मंच के रूप में काम करता है।
सूत्रों ने बताया कि दोनों नेता असैन्य परमाणु सहयोग को मजबूत करने, जिसमें ईंधन चक्र और लाइफ साइकिल सपोर्ट शामिल हैं, पर भी चर्चा कर सकते हैं। इसके अलावा मोबिलिटी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, रूस में भारतीय कुशल श्रमिकों की संख्या बढ़ाने, महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) में सहयोग तथा रणनीतिक संयुक्त उद्यम परियोजनाओं के माध्यम से उर्वरक क्षेत्र में सहयोग को बनाए रखने और बढ़ाने पर भी बातचीत होने की संभावना है।
रूसी राष्ट्रपति की यात्रा से भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को और गति मिलने की उम्मीद है। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, पुतिन शुक्रवार को BRICS बिजनेस फोरम में व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश और परिवहन सहयोग से जुड़ी पहल पेश करेंगे।