BRICS Summit: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तीन दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों के अंतिम चरण में पहुंच गई है। 11 से 13 सितंबर तक भारत मंडपम में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को व्यापक स्तर पर मजबूत किया गया है। कई महीने पहले शुरू हुई तैयारियां अब नई दिल्ली जिले में साफ नजर आ रही हैं। विभिन्न स्थानों पर ब्रिक्स के बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं। कनॉट प्लेस और खान मार्केट सहित प्रमुख बाजारों और इलाकों में रात के समय रोशनी की व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरे क्षेत्र में करीब 500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि शिखर सम्मेलन के दौरान लगातार निगरानी रखी जा सके। एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा, “इन व्यवस्थाओं के साथ हमने क्षेत्र की सभी सड़कों को कवर कर लिया है। अगर हमें कुछ संदिग्ध नजर आता है तो हम कुछ ही सेकंड में कार्रवाई कर सकते हैं और पूरे इलाके को सुरक्षित कर सकते हैं। अगर कोई संदिग्ध गतिविधि मिलती है तो वहां मौजूद लोगों से आसानी से संपर्क किया जा सकता है।”
अधिकारी ने बताया कि पूरे इलाके को कवर करने के लिए करीब 500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से कुछ कैमरों में नंबर प्लेट पहचानने की तकनीक भी मौजूद है. अधिकारी ने कहा, “पूरे क्षेत्र को कवर करने के लिए कुल 500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कुछ कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट भी पढ़ेंगे।”
शिखर सम्मेलन के दौरान प्रतिनिधियों और आगंतुकों की आवाजाही सुचारू बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इसमें निगरानी प्रणाली, यातायात नियंत्रण और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र शामिल हैं. दिल्ली पुलिस आयुक्त की अध्यक्षता में हुई ब्रीफिंग में विशेष पुलिस आयुक्तों और आयोजन स्थलों के प्रभारी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की सुरक्षा योजनाओं की प्रमुख विशेषताओं और अहम परिचालन बिंदुओं की जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस आयुक्त ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करीबी नजर रखी जा रही है और इस दौरान दिल्ली पुलिस के जवानों के आचरण और प्रदर्शन की भी निगरानी होगी।
आयुक्त ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरे आयोजन के दौरान उच्चतम स्तर की पेशेवर क्षमता, अनुशासन, शालीनता और विनम्रता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने हर अधिकारी से आयोजन की पूरी जिम्मेदारी लेने और सभी दायित्वों को प्रभावी ढंग से निभाने को कहा, ताकि किसी भी तरह की गलती या लापरवाही की गुंजाइश न रहे। सूत्रों ने बताया कि आयुक्त ने अधिकारियों को यह भी याद दिलाया कि यह आयोजन दिल्ली पुलिस का प्रतिनिधित्व करता है और राष्ट्रीय महत्व एवं गौरव से जुड़ा है। ऐसे में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आचरण एवं प्रदर्शन विभाग की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस पहले भी कई बड़े आयोजनों को पेशेवर तरीके से सफलतापूर्वक संपन्न करा चुकी है और उम्मीद जताई कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भी पुलिस बल इसी स्तर के मानकों को बनाए रखेगा।
पुलिस नेतृत्व ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसा कोई अवसर नहीं होना चाहिए जिससे किसी को दिल्ली पुलिस के प्रदर्शन पर सवाल उठाने या उसकी आलोचना करने का मौका मिले। नेतृत्व ने अब तक किए गए अच्छे कार्यों की सराहना की और विश्वास जताया कि शिखर सम्मेलन के दौरान भी अधिकारी और जवान इसी तरह पेशेवर क्षमता, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।