Stock Market: रिलायंस इंडस्ट्रीज और सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से घरेलू शेयर बाजार बुधवार को शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख पाये और दोनों मानक सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद, ईरान पर अमेरिका के नए प्रतिबंधों की वजह से निवेशकों का मिजाज सुस्त रहा।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता का असर भी बाजार की धारणा पर पड़ा, जबकि नए ‘क्लोजिंग ऑक्शन सेशन’ को लेकर बनी उलझन ने बाजार की अनिश्चितता को और बढ़ा दिया। इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.96 फीसदी टूटकर 85.96 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 183.15 अंक टूटकर 77,473 अंक पर बंद हुआ, जबकि 50 शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 126 अंक गिरकर 24,207.75 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में इंफोसिस, भारती एयरटेल, लार्सन एंड टुब्रो, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन और टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे; जबकि कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील और बजाज फिनसर्व सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। सेक्टर के हिसाब से देखें तो आईटी, टेलीकॉम, टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुएं, विद्युत, ऑटो और एफएमसीजी शेयरों ने बाजार को नीचे खींचा; जबकि धातु, बैंक, वित्तीय सेवाएं और स्वास्थ्य सेवाओं के शेयरों ने बाजार की तेजी को आगे बढ़ाया।
दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी ज्यादातर में दोपहर के कारोबार में बढ़त का रुख था। अमेरिकी बाजार मंगलवार को लाभ के साथ बंद हुए थे, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 1,593 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।