NEET: कांग्रेस विधायक विजय नामदेवराव वडेट्टीवार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जैसे लोग सत्ता में रहेंगे, तब तक बच्चों का भविष्य सुरक्षित नहीं माना जा सकता। उन्होंने मांग की कि धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल उनके पद से हटाया जाए।
वडेट्टीवार ने बातचीत में कहा, “धर्मेंद्र प्रधान अपने पद के योग्य नहीं हैं। यदि सरकार में जवाबदेही की कोई भावना है, तो उसे शिक्षा व्यवस्था में मौजूद अनियमितताओं को दूर करना चाहिए। ऐसे लोगों से किसी तरह की उम्मीद नहीं की जा सकती। जब तक धर्मेंद्र प्रधान जैसे लोग सत्ता में बने रहेंगे, बच्चों का भविष्य सुरक्षित नहीं रहेगा।”
उनका यह बयान शिक्षा नीतियों और परीक्षा प्रणाली को लेकर केंद्र सरकार तथा विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव के बीच आया है।इस बीच, नागपुर के एक नीट (NEET) अभ्यर्थी को उसकी पसंदीदा परीक्षा नगरी नागपुर के बजाय संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले सामने आई इस चूक से छात्र और उसका परिवार चिंता में पड़ गया।
हालांकि, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने स्पष्ट किया कि मामले का समाधान कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि तकनीकी त्रुटि को ठीक करते हुए छात्र को अब नागपुर में ही परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया है।
अभिषेक सिंह ने कहा, “मामले का समाधान हो चुका है और अभ्यर्थी को अब नागपुर में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया है।”वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक महीने से नीट पुनर्परीक्षा की तैयारी कर रहा छात्र एडमिट कार्ड डाउनलोड करने से ठीक एक दिन पहले यह जानकर परेशान हो गया कि उसका परीक्षा केंद्र अबू धाबी में निर्धारित किया गया है। राहुल गांधी की पोस्ट के बाद परीक्षा प्रणाली और परीक्षा केंद्र आवंटन प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस तेज हो गई है।