Mutual Funds: अस्थिर बाजार परिस्थितियों के बीच इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में शुद्ध निवेश मई में एक साल के सबसे निचले स्तर 22,908 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ये प्रवाह अप्रैल में दर्ज 38,440 करोड़ रुपये से 40 प्रतिशत कम रहा। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, म्यूचुअल फंड उद्योग में मई में कुल मिलाकर 64,131 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज हुई जबकि अप्रैल में 3.22 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया था।
इसकी मुख्य वजह ऋण उन्मुख योजनाओं से 96,948 करोड़ रुपये की निकासी रही। इसके परिणामस्वरूप, उद्योग की प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) मई के अंत में घटकर 81.6 लाख करोड़ रुपये रह गईं, जो एक महीने पहले 81.92 लाख करोड़ रुपये थीं। आंकड़ों के मुताबिक, मई में इक्विटी योजनाओं में शुद्ध निवेश 22,908 करोड़ रुपये रहा। यह अप्रैल में 38,440 करोड़ रुपये, मार्च में 40,450 करोड़ रुपये, फरवरी में 25,978 करोड़ रुपये और जनवरी में 24,028 करोड़ रुपये था।
ताजा निवेश मई 2025 के बाद सबसे कम है जब इक्विटी म्यूचुअल फंड में 19,013 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया था। इक्विटी योजनाओं में ‘फ्लेक्सी-कैप’ फंड में सबसे अधिक 5,175 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, इसके बाद ‘स्मॉल कैप’ फंड में 4,945 करोड़ रुपये और मिड कैप फंड में 4,385 करोड़ रुपये का निवेश हुआ।
लार्ज कैप फंड में तुलनात्मक रूप से कम 1,593 करोड़ रुपये का निवेश आया। दूसरी ओर, कर बचत वाली इक्विटी योजनाओं (ईएलएसएस) में मई में शुद्ध निकासी देखी गई। इस बीच, गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में मई में 725 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई जबकि अप्रैल में इसमें 3,040 करोड़ रुपये का निवेश आया था, ये इस परिसंपत्ति वर्ग में निवेशकों की कम होती रुचि को दर्शाता है।