JIO IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को बुधवार को खुलने के 100 मिनट के अंदर ही पूर्ण अभिदान मिल गया। इसके साथ ही यह अब तक का सबसे तेजी से पूर्ण अभिदान पाने वाला आईपीओ बन गया है।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, दोपहर 12:33 बजे तक इस निर्गम के तहत पेश किए गए 19.75 करोड़ शेयर के मुकाबले 28.31 करोड़ शेयर के लिए बोलियां मिली थीं। इस तरह कुल निर्गम को 1.43 गुना अभिदान मिला। यह निर्गम 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। मांग मुख्य रूप से पात्र संस्थागत निवेशकों (क्यूआईबी) की ओर से आई। उनके लिए आरक्षित हिस्सा 4.13 गुना अभिदान पा गया।
इस श्रेणी में 4.90 करोड़ शेयरों के मुकाबले 20.23 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। बैंकों और बीमा कंपनियों सहित घरेलू वित्तीय संस्थानों ने 13.40 करोड़ शेयर के लिए, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 5.94 करोड़ शेयर के लिए बोलियां लगाईं। निवेशकों की अन्य श्रेणियों से प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत कमजोर रही। गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा 0.57 गुना अभिदान पा सका।
वहीं, खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित 8.50 करोड़ शेयरों के मुकाबले 3.74 करोड़ शेयर के लिए बोलियां मिलीं, यानी ये श्रेणी 0.44 गुना अभिदान पा सकी। कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्सा 0.95 गुना और शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्सा 0.82 गुना अभिदान पा सका। शुरुआती रफ्तार के मामले में जियो अन्य बड़े भारतीय निर्गमों से आगे है। बजाज हाउसिंग फाइनेंस का आईपीओ खुलने के दिन दोपहर दो बजे तक पूरी तरह अभिदान पा गया था, जबकि एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के निर्गम को 2025 में पहले दिन के अंत तक पूरा अभिदान मिल गया था।
भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गम का पिछला रिकॉर्ड रखने वाले हुंदै मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को 2024 में पहले दिन के अंत तक केवल 18 प्रतिशत अभिदान मिला था। जियो प्लेटफॉर्म्स का ये सार्वजनिक निर्गम 2024 में हुंदै मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को पीछे छोड़कर मूल्य के लिहाज से देश का सबसे बड़ा निर्गम बन जाएगा। जियो के शेयर के लिए 1,065 से 1,119 रुपये के मूल्य दायरे के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर बैठता है। इस निर्गम के तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं।
इस निर्गम में बिक्री पेशकश (ओएफएस) शामिल नहीं है, यानी मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर नहीं बेच रहे हैं। सार्वजनिक निर्गम से पहले कंपनी ने सोमवार को 212 बड़े (एंकर) निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से करीब 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए थे, एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित शेयरों के मुकाबले 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलीं।
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने मंगलवार को कहा कि कंपनी की प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा (एआई) और क्लाउड क्षेत्र में विस्तार की योजनाएं दूरसंचार कारोबार से आगे उसकी वृद्धि को गति देंगी। उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज की इस इकाई को देश के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ से पहले एक प्रौद्योगिकी कंपनी के रूप में पेश किया।
अंबानी ने कहा, ‘‘जियो में ऐसा नहीं है कि हमें दोनों में से किसी एक को चुनना है। हमारा नेटवर्क ही हमारी प्रौद्योगिकी है।’’ ये आईपीओ ऐसे समय आ रहा है, जब निवेशक ये आकलन कर रहे हैं कि क्या देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी अपने विशाल ग्राहक आधार के जरिये डिजिटल सेवाओं, उद्यम प्रौद्योगिकी और एआई से अधिक मुनाफे वाला राजस्व जुटा सकती है। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि केवल ग्राहकों की संख्या में वृद्धि अब कारोबार के विस्तार को गति देने वाला उतना प्रभावी कारक नहीं रह गई है।