Indian Navy: भारतीय नौसेना में पोत ‘आईएनएस निपुण’ हुआ शामिल

Indian Navy: गहरे समुद्र में जाने और पनडुब्बियों को त्वरित सहायता प्रदान करने में सक्षम पोत ‘आईएनएस निपुण’ को सोमवार को मुंबई में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। भारतीय नौसेना में शामिल किया गया यह इस तरह का दूसरा पोत है जो गहरे समुद्र में जाने में सक्षम है। आईएनएस निपुण को नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन की उपस्थिति में नौसेना में शामिल किया गया।

‘हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड’ द्वारा निर्मित यह पोत 119.4 मीटर लंबा है और इसकी क्षमता 10,500 टन है। यह जहाज समुद्र में 300 मीटर की गहराई तक जाने की क्षमता रखता है। इसमें पनडुब्बियों को तुरंत राहत प्रदान करने की भी क्षमता है। इसके अलावा इसे आपदा राहत और मानवीय सहायता अभियानों के लिए भी तैनात किया जा सकता है।

मुख्य नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने सोमवार को मुंबई स्थित नौसेना डॉकयार्ड में भारतीय नौसेना के दूसरे डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) ‘निपुण’ के कमीशनिंग समारोह की अध्यक्षता की. ‘निपुण’ का नौसेना में शामिल होना भारत की समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। खासतौर पर गहरे समुद्र में डाइविंग और पानी के भीतर होने वाले अभियानों के क्षेत्र में इससे नौसेना की क्षमता बढ़ेगी।

हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) द्वारा निर्मित ‘निपुण’ को 30 जुलाई 2026 को विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना को सौंपा गया था। इस पोत का डिजाइन और निर्माण इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (IRS) के वर्गीकरण नियमों के अनुरूप किया गया है। ‘निपुण’ नाम संस्कृत से लिया गया है, जिसका अर्थ है—किसी विशेष क्षेत्र में दक्ष, सक्षम और कुशल व्यक्ति। अपने नाम के अनुरूप यह पोत समुद्र में गहरे पानी में डाइविंग और बचाव अभियानों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।

पोत में अत्याधुनिक डाइविंग उपकरण लगाए गए हैं और यह डीप-सी सैचुरेशन डाइविंग करने में सक्षम है। डाइविंग अभियानों को सुगम बनाने के लिए इसमें साइड डाइविंग स्टेज भी उपलब्ध कराया गया है। रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल्स (ROVs) पोत की परिचालन क्षमता को और बढ़ाते हैं। इनके जरिए गोताखोरों की निगरानी और समुद्र के भीतर सैल्वेज ऑपरेशन किए जा सकते हैं। इसके अलावा, ‘निपुण’ डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू वेसल (DSRV) के मदर शिप के रूप में भी काम कर सकता है, जिससे आपात स्थिति में पनडुब्बियों से कर्मियों को सुरक्षित निकालने में मदद मिलेगी।

लगभग 75 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री से निर्मित ‘निपुण’ की डिलीवरी भारतीय नौसेना की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह केंद्र सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के अनुरूप है। ‘निपुण’ को विभिन्न प्रकार के डाइविंग और अंडरवाटर ऑपरेशनों में सहायता देने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। आधुनिक डाइविंग सिस्टम और अंडरवाटर इंटरवेंशन क्षमताओं से लैस यह पोत समुद्र में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने वाले गोताखोरों को लंबे समय तक सहायता प्रदान कर सकता है और नौसेना की पनडुब्बी बचाव क्षमता को मजबूत करेगा।

पोत में आधुनिक नेविगेशन सिस्टम, प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट और सटीक स्टेशन कीपिंग जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं। इसके साथ ही इसमें डाइविंग, अंडरवाटर इंटरवेंशन और मेडिकल सपोर्ट के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन क्षमताओं के चलते ‘निपुण’ जटिल अंडरवाटर अभियानों के लिए एक एकीकृत प्लेटफॉर्म के रूप में काम कर सकता है।

‘निपुण’ के नौसेना में शामिल होने से भारत के समुद्री हित वाले क्षेत्रों में विशेष डाइविंग और अंडरवाटर मिशनों को अंजाम देने की भारतीय नौसेना की क्षमता और मजबूत होगी। इस स्वदेशी पोत का शामिल होना भारत के जहाज निर्माण क्षेत्र की बढ़ती तकनीकी क्षमता को भी दर्शाता है, जो नौसेना की परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप अत्याधुनिक और विशेष पोत तैयार करने में सक्षम हो रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *