Gujarat: गुजरात सरकार ने राज्य की खेल प्रतिभाओं को नई उड़ान देने के लिए कमर कस ली है। 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स के विज़न के साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शक्तिदूत योजना को ‘शक्तिदूत 2.0’ के रूप में और व्यापक बनाया गया है। इसके तहत अब 9 वर्ष की उम्र से ही प्रतिभाओं को तराशा जाएगा।
खिलाड़ियों की आर्थिक सहायता को भी 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख कर दिया गया है। चयन और सहायता में पारदर्शिता के लिए प्वाइंट-आधारित स्कोरिंग सिस्टम लागू किया गया है। चयनित खिलाड़ियों को अत्याधुनिक उपकरण, विशेषज्ञ कोचिंग, देश-विदेश में प्रशिक्षण और स्पोर्ट्स मेडिसिन का पूरा सपोर्ट मिलेगा।
इस योजना में दिव्यांग खिलाड़ियों को भी समान अवसर दिया गया है। पैरा, डेफ और ब्लाइंड एथलीट्स को भी समान वित्तीय सहायता और खेल संबंधी सुविधाएं दी जाएंगी। इसके साथ ही, अब खिलाड़ियों के साथ उनके कोच को भी वर्ष में दो बार प्रतियोगिताओं में जाने का मौका मिलेगा, जिससे ट्रेनिंग और प्रभावी बन सके।
टोक्यो और पेरिस ओलंपिक्स में गुजरात के खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया, वहीं 2026 के एशियन गेम्स के लिए ‘शक्तिदूत’ योजना के 9 खिलाड़ियों का चयन हुआ है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भी गुजरात के खिलाड़ियों का चयन किया गया है। वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण, न्यूट्रिशन, मेडिकल सपोर्ट और वित्तीय सहायता के इस प्लेटफॉर्म के ज़रिए ‘शक्तिदूत 2.0’ गुजरात की खेल प्रतिभाओं को शुरुआती पहचान से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम है।