Dussehra: देशभर में आज विजयादशमी यानी दशहरे का पर्व मनाया जा रहा है, यह त्योहार बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था। वहीं, मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार कर धर्म और सत्य की स्थापना की थी। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में रावण दहन, शस्त्र पूजा और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है।
रावण दहन का क्या है शुभ मुहूर्त?
दशहरे पर रावण दहन को लेकर लोगों में विशेष उत्साह रहता है। परंपरा के अनुसार, रावण दहन प्रदोष काल में करना शुभ माना जाता है। हालांकि, इसका सटीक समय स्थानीय पंचांग, सूर्यास्त और क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इसलिए रावण दहन का समय तय करने से पहले अपने स्थानीय पंचांग या आयोजन समिति की सूचना अवश्य देख लें।
शस्त्र पूजा का क्या है महत्व?
विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजा की भी विशेष परंपरा है। इस दिन लोग अपने शस्त्रों, औजारों और कार्य में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की पूजा करते हैं। मान्यता है कि विजयादशमी पर शस्त्र पूजा करने से साहस, शक्ति और सफलता का आशीर्वाद मिलता है। क्षत्रिय समुदाय के साथ-साथ कई अन्य वर्गों में भी इस परंपरा का पालन किया जाता है।
विजयादशमी पर क्यों की जाती है पूजा?
विजयादशमी का पर्व भगवान श्रीराम की विजय और मां दुर्गा की शक्ति का स्मरण कराता है। यह त्योहार संदेश देता है कि सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने वालों की अंततः जीत होती है। इस दिन लोग मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं, परिवार के बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं और एक-दूसरे को दशहरे की शुभकामनाएं देते हैं।